घर के भीतर मां-बेटी पर आठ साल से जुल्म ढाया जा रहा था और पड़ोसी खामोश थे। चहारदीवारी में कैद मां-बेटी की दुनिया वीरान हो चुकी थी। घर उनके लिए काल कोठरी बन चुका था। आए दिन घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आती थीं और पड़ोसी कह रहे हैं कि उन्होंने कुछ सुना ही नहीं। वह इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की तो पड़ोसियों के व्यवहार से वह दंग रह गए।
चरवा के बलीपुर टाटा गांव का सरजू तिवारी साधन संपन्न किसान है। 13-14 बीघा खेती होने के साथ ही निजी नलकूप है। बड़े बेटे की मौत के बाद किसान सरजू तिवारी के दिमाग में यह बात घर कर गई कि उसकी पत्नी शशिकला व बेटी कंचन लता पर ब्रह्मराक्षस सवार है। सरजू तिवारी इस अंधविश्वास से बाहर नहीं निकल सका और उसने पत्नी व बेटी को घर में ही कैद कर दिया। आठ साल से दोनों मां-बेटी घर की चहारदीवारी में कैद थी। बाहर की दुनिया उनके लिए बेमानी हो चुकी थी। जब भी सरजू तिवारी घर से बाहर निकलता था तो ताला लगाकर जाता था। सरजू तिवारी की इस करतूत से पड़ोसी ही नहीं बल्कि पूरा गांव वाकिफ था, लेकिन कोई कुछ बोल नहीं रहा था।
हरियाणा के पुरोहित ने सरजू तिवारी के इस सनकीपन के खेल से पर्दा उठाया और मां-बेटी को नया जीवन दिया। पुरोहित अमित त्रिपाठी का आरोप है कि मां-बेटी को प्रताड़ित किया जाता था, कई दिनों तक उन्हें खाना भी नहीं नसीब होता था। जब उन्होंने बातचीत की तो मां-बेटी ने बताया कि जब पेट ही खाली रहेगा तो वह कैसे स्वस्थ रहेंगे। उनकी हालत ठीक है, पति का ही दिमाग खराब है। इतना जानने के बाद पुरोहित ने ग्रामीणों की मदद से मां-बेटी को आजाद करवाया। पुलिस जांच करने पहुंची तो पड़ोसियों के व्यवहार को लेकर वह दंग रह गई। हर किसी ने किसी ने इसकी जानकारी से इंकार किया, जबकि ऐसा नहीं था। वह घर के भीतर चीखती-चिल्लाती थी। इसके बाद भी पड़ोसी बेखबर बने रहे।
मेडिकल के बाद होगा मां-बेटी का बयान
शशिकला व उसकी बेटी कंचन लता को पुलिस ने आजाद कराकर मेडिकल के लिए भेजा है। इंस्पेक्टर मो. हासिम का कहना है कि मेडिकल के बाद मां-बेटी की स्थिति सामान्य होने के बाद उनका बयान दर्ज किया जाएगा। बताया कि अभी वह इस हालत में नहीं कि कुछ स्पष्ट बता सकें।
सरजू तिवारी से पूछताछ जारी
मां-बेटी को आजाद कराने के बाद चरवा थाने की पुलिस ने सरजू तिवारी से पूछताछ शुरू कर दी है। सरजू तिवारी यही कह रहा है कि दोनों पर ब्रह्मराक्षस सवार था, दोनों की मानसिक हालत ठीक नहीं है। पुलिस को इस पर तनिक भी एतबार नहीं है। चरवा पुलिस सरजू तिवारी से कई चक्रों में पूछताछ कर चुकी है, लेकिन वह एक ही रट लगाए है।