सैनी क्षेत्र में गंगा नदी के अकबरपुर घाट किनारे स्थापित प्राचीन मंदिर में शिव लिंग क्षतिग्रस्त कर दिए जाने की खबर है। बुधवार रात हुई इस घटना के पीछे जमीन के अंदर गड़ा धन खोदने वालों की शरारत मानी जा रही है। पुजारी की शिकायत पर सैनी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
सैनी क्षेत्र के अकबरपुर घाट पर गंगा नदी के किनारे प्राचीन श्रीश्री 108 स्वामी सर्वात्मा नंद सरस्वती की समाधि बनी हुई है। यही पर शिव लिंग स्थापित है। मंदिर के पुजारी उमा शंकर का कहना है कि 01/02 जून की रात अराजक तत्व ताला तोड़ कर अंदर घुस गए। आरोप है कि अराजक तत्तों ने रात के अंधेरे मे शिव लिंग उखाड़ कर बाहर रख दिया। शिव लिंग के समीप लगाए गए पत्थरों को भी खोद डाला। बृहस्पतिवार की सुबह पूजा करने गए पुजारी ने मंदिर में शिव लिंग क्षतिग्रस्त देख सन्न रह गए।
पुजारी ने इस घटना की सूचना सैनी पुलिस को दी। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। तहकीकात में जुटी पुलिस का मानना है कि घटना के पीछे उन लोगों का हाथ हो सकता है जो रात के अंधेरे में जमीन में गड़ा धन की लताश में आए दिन इस तरह की हरकत करते रहते हैं। पुजारी को भी आशंका है कि घटना के पीछे किसी तांत्रित का शातिर दिगाम हो सकता है। इसंपेक्टर सैनी दिनेश सिंह का कहना है कि घटना के पीछे जमीन के नीचे गड़ा धन खोजने की बात ही प्रारंभिक रूप से समझ में आ रही है। हलांकि घटना स्थल पर देखने से पता चलता है कि कि वे पत्थर उखाड़ने में ही पस्त होकर चले गए हैं। मंदिर में किसी प्रकार चोरी जैसी घटना नहीं हुई है।