सरायअकिल के इछना गांव में गुरुवार की रात तांत्रिक पिता ने अपने ही मासूम बेटे की बलि देने की कोशिश की। बेटे के चीखने-चिल्लाने पर परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से उसको बचा लिया। सूचना मिलते ही सरायअकिल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ के बाद पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर तांत्रिक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
सरायअकिल थाना क्षेत्र के इछना गांव का रहने वाला दशरथ तांत्रिक है। गुरुवार की रात घर के अन्य सदस्यों के सो जाने पर वह उठा और सात वर्षीय बेटे विपिन को बहाने से घर के अंदर स्थित देव स्थान (चौरी पर) बुला ले गया। इसके बाद तंत्र-मंत्र पढ़ने लगा। इससे विपिन सहम गया। इसी बीच पिता ने चापड़ उठाया तो वह चीखने-चिल्लाने लगा। बेटे की आवाज सुन मां कमला देवी भागकर पहुंची तो नजारा देख दंग रह गई। वह पति से भिड़ गई और शोर मचाने लगी।
दरवाजा खोलकर परिवार के अन्य सदस्यों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर गांव के लोग आ गए। उन्होंने तांत्रिक को पकड़ा और विपिन को बाहर निकाला। इसकी सूचना सरायअकिल इंस्पेक्टर दिनेश यादव को दी गई। वह रात में मौके पर पहुंचे। मौका-मुआयना कर उन्होंने चापड़ बरामद किया। कमला देवी की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
देवी मांग रही थी बेटे को
तांत्रिक दशरथ की मानसिक हालत ठीक नहीं है। रात के अंधेरे में वह अपने बेटे की बलि देने जा रहा था। उसकी इस हरकत से पूरा गांव स्तब्ध है। तांत्रिक को ग्रामीणों ने दबोच लिया तो उसने बताया कि देवी कह रही थी कि या तो वह अपनी बलि दे दे अथवा बेटे की। इस पर उसने फैसला किया कि वह बेटे की बलि देगा और देवी को खुश करेगा। उसकी बात सुनकर गांव के लोग हैरान हैं।