फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपहृत किशोरी का मिला कंकाल

Mon, 11 Sep 2017 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
विज्ञापन
crime
विज्ञापन
बेरुवा गांव के पठानकोट बाग में रविवार सुबह एक कंकाल मिला। इसे 13 दिन पहले अपहृत हुई किशोरी रत्ना का बताया जा रहा है। परिजन कंकाल के बगल मिले लोटा, कपड़ा व चप्पल से उसकी शिनाख्त करने का दावा कर रहे हैं। हालांकि चरवा पुलिस इसे रत्ना का कंकाल मामने को तैयार नहीं है। पुलिस कंकाल का डीएनए कराने की बात कह रही है। इस मामले में पड़ोसी गांव के चाचा-भतीजे के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज है।
विज्ञापन


चरवा के बेरुवा निवासी शारदा प्रसाद की 15 वर्षीय बेटी रत्ना 30 अगस्त की शाम घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने खोजबीन के बाद दो सितंबर को चरवा थाने में मोहसिनी निवासी बनवारीलाल पुत्र रामपाल व उसके भतीजे संजय के खिलाफ बहला-फुसलाकर बाइक से भगा ले जाने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी थी। पांच सितंबर को किशोरी की मां संध्या ने तहसील दिवस में शिकायती पत्र देकर पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही गांव के एक अन्य युवक की भी मिलीभगत बताई। इसकी भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी। रविवार सुबह गांव के बाहर पठान कोट बाग में एक कंकाल मिला।

कंकाल के बगल में लोटा, कपड़ा, चप्पल आदि भी पड़े थे। जानकारी होने पर शारदा प्रसाद व उसकी पत्नी संध्या देवी मौके पर पहुंचे। कपड़ा व लोटा देख उन्होंने कंकाल की पहचान अपनी बेटी के रूप में की। जानकारी होने पर चरवा एसओ रामेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पूछताछ के बाद उन्होंने कंकाल व कपड़े को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित कर लिया। कंकाल मिलने के बाद पीड़ित परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बना रहे हैं। वहीं पुलिस इससे सहमत नहीं है। चरवा एसओ रामेंद्र सिंह का कहना है कि कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद ही कंकाल की तस्दीक होगी कि वह रत्ना का है कि किसी दूसरे का।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें