दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर मनौरी रेलवे स्टेशन के समीप रविवार सुबह मासूम समेत प्रेमी-प्रेमिका की लाश मिली। शव टुकडे़ में बंटे थे। तीन शवों के मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जीआरपी ने मौका-मुआयना कर शवों की शिनाख्त कराई। तीन दिन पहले युवती अपने देवर के साथ मासूम बेटे को लेकर भखंदा गांव से भागी थी। दोनों में प्रेम प्रपंच चल रहा था। जीआरपी ने पोस्टमार्टम के लिए शवों को भेजने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं।
सरायअकिल के भखंदा निवासी रमेश कुमार मजदूरी कर परिजनों का भरण-पोषण करता है। रमेश के दो बेटे व तीन बेटियां हैं। रमेश की पत्नी संगीता (30) का चचेरे देवर पंचू (19) पुत्र भोला से मधुर संबंध था। पंचू दिल्ली में रहकर काम करता था। हफ्ता भर पहले वह गांव आया था। शुक्रवार शाम पंचू अपनी भाभी संगीता व उसके छोटे बेटे आशीष (5) को लेकर गायब हो गया था। रमेश पत्नी व बेटे की खोजबीन में जुटा था। रविवार सुबह पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मनौरी रेलवे स्टेशन के समीप पंचू, संगीता और आशीष की लाश रेलवे पटरी पर मिली। तीनों के शव टुकड़ों में बंटे थे। जानकारी होते ही राजकीय रेलवे पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। मौका-मुआयना कर अधिकारियों को सूचना दी।
इस दौरान मौके पर लोगों का खासा मजमा लग गया। शिनाख्त कराने के प्रयास शुरू हुए। इसी दौरान तीन लोगों की लाश मिलने की जानकारी हुई तो भखंदा गांव से रमेश भी अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। शवों की शिनाख्त रमेश ने अपनी पत्नी, बेटे व चचेरे भाई के रूप में की। इसके बाद जीआरपी ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है। घटना को लेकर गांव से लेकर मनौरी तक में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि जीआरपी इसे आत्महत्या ही मान रही है।