छेड़खानी के बाद कार्रवाई न होने पर छात्रा के फांसी लगाने का मामला पुलिस अफसरों के गले की फांस बन चुका है। हालांकि एसपी ने इंस्पेक्टर व दरोगा को निलंबित कर गर्दन बचाने की कोशिश जरूर की है। इसके बाद भी डीजी कार्यालय की निगाह इस पूरे प्रकरण पर गड़ी है। इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट डीजी कार्यालय से मांगी गई है। आईजी ने भी इस प्रकरण में कौशाम्बी पुलिस पर शिकंजा कस रखा है। इससे एसपी आफिस में हड़कंप मचा हुआ है।
पिपरी के गांजा गांव की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा रचना सिंह ने शनिवार की दोपहर फांसी लगा ली थी। रचना सिंह के साथ गुरुवार को कालेज के बाहर छेड़खानी हुई थी। पिपरी पुलिस ने रचना के परिजनों की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। उल्टे शुक्रवार को आरोपी जितेंद्र सिंह यादव की तहरीर पर मकदूमपुर चौकी इंचार्ज राकेश शर्मा ने रचना सिंह के चचेरे भाई आलोक सिंह व चाचा शिवपूजन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। छात्रा की मौत के बाद हरकत में आए अधिकारियों ने प्रकरण को गंभीरता से लिया। आईजी, डीआईजी ने भी रिपोर्ट मांगनी शुरू कर दी थी। इस पर एसपी वीके मिश्र ने इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र व दरोगा राकेश शर्मा को निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी।
इसके बाद शनिवार की ही शाम को आरोपी जितेंद्र सिंह यादव व मुख्य आरोपी आशीष सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों का चालान बाद में किया गया। इस मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस महानिदेशक कार्यालय भी सक्रिय हो गया। डीजी कार्यालय ने पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है और किस आधार पर आरोपी की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है, इसका भी जवाब मांगा गया है। आईजी कार्यालय ने भी बिंदुवार जवाब तलब किया है। शीर्ष स्तर के अधिकारियों के शिकंजा कसने से एसपी कार्यालय में हड़कंप मचा है। पुलिस विभाग में चर्चा है कि इस मामले में अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
मुख्य आरोपी आशीष सिंह भेजा गया जेल
रचना सिंह प्रकरण के मुख्य आरोपी आशीष सिंह यादव का भी पुलिस ने सोमवार को पूछताछ करने के बाद चालान कर दिया। इस मामले में दोनों को पुलिस ने शनिवार की शाम ही गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को जितेंद्र सिंह को जेल भेजा गया। सोमवार को मुख्य आरोपी का भी चालान कर दिया। इनके दो अज्ञात साथियों को पुलिस अभी तक नहीं खोज सकी है।
पिपरी के गांजा की रचना सिंह रामभजन सिंह डिग्री कालेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। गुरुवार को उसके साथ शेरपुर गांव के आशीष सिंह यादव व जितेंद्र सिंह यादव ने छेड़खानी की थी। इसकी शिकायत भी कालेज के शिक्षकों से रचना सिंह ने की थी। रिपोर्ट दर्ज न होने पर रचना सिंह ने शनिवार दोपहर को फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने रचना सिंह के आरोपी आशीष सिंह यादव व जितेंद्र सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को जितेंद्र सिंह का चालान किया गया। सोमवार को पूछताछ करने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष सिंह को भी जेल भेज दिया। पिपरी इंस्पेक्टर विपिन त्रिवेदी का कहना है कि दो अज्ञात आरोपियों का सुराग लगाया जा रहा है। जल्द ही इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।