जेल में हत्या की सुपारी लेने के बाद ही पेशी के दौरान शातिर अपराधी रामदास भागा था। पथरावां प्रधान के कत्ल के लिए एक लाख रुपये में सौदा हुआ था। रविवार को इसका खुलासा एसपी वीके मिश्र ने किया। मीडिया के सामने रामदास पाल व उसके साथियों को पेश करते हुए बताया कि यह गैंग बहुत खतरनाक है। जेल से ही अपराध की साजिश रचते हैं।
एसपी ने बताया कि सैनी के नूरपुर गांव में जमीनी विवाद में बद्री प्रसाद व उसी बेटी सुधा की 25 अप्रैल को हत्या के बाद शव गांव के समीप एक खराब पडे़ बोरवेल में डाल दिया गया था। पुलिस ने 5 मई को शव बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने मिथलेश समेत दो अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद मिथलेश को जेल भेज दिया गया। विवादित जमीन की रखवाली कर रहे पथरावां के प्रधान बचानी यादव के कत्ल की साजिश रचते हुए मिथलेश ने जेल में बंद मिलन पाल के जरिए शूटर रामदास पाल को एक लाख में कत्ल का ठेका दे दिया।
पथरावां प्रधान के कत्ल की सुपारी लेने के बाद 13 जुलाई को रामदास मौका पाते ही पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। बकौल पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने बताया कि फरार सुपारी किलर रामदास पाल की गिरफ्तारी के लिए पांच हजार का ईनाम घोषित किया गया था। इंटेलीजेंस विंग को गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। मुखबिरों का जाल बिछाते हुए पुलिस टीम ने सात अक्तूबर को रामदास पाल व उसके साथी नियाज अहमद असरावल खुर्द पिपरी, आनंद बाबू सैदपुर करेली इलाहाबाद, संदीप पाल कोटिया सरायअकिल, गोलू काजीपुर पुरामुफ्ती, महेंद्र यादव निवासी नूरपुर सैनी को धर दबोचा। जब कि अखिलेश और राजू निवासी नूरपुर भागने में सफल रहे। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से लूटी गई दो बाइक और आधा दर्जन तमंचे बरामद किया। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया है। एसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये नगदी के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।