स्थानीय कस्बे में नेफ्थायुक्त पेट्रोल और केरोसिन मिले तेल के काले कारोबार का तिलिस्म शनिवार की रात टूटता नजर आया। कारोबारियों ने आधी रात से गोदामको खाली करना शुरू किया और भोर होते-होते मिलावटी डीजल-पेट्रोल ठिकाने लगा दिया गया।
कस्बे के रामलीला मैदान के बगल और एदिलपुरी डिग्री कालेज के बगल तीसरे मकान से मिलावटी डीजल-पेट्रोल का कारोबार अर्से से चल रहा था। इससे इलाके में खुले पेट्रोल पंपों के मालिकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की शिकायत पेट्रोल पंप मालिकों ने कई बार संबंधित पुलिस और उच्चाधिकारियों से की थी। पर स्थानीय पुलिस ने इन कारोबारियों पर कभी हाथ डालने की हिमाकत नहीं किया। इधर बीच अमर उजाला ने तेल के इस अवैध कारोबार पर खबरें प्रकाशित की तो तेल कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कारोबारियों ने स्टाक के ठिकाने को बदल दिया है। शनिवार की रात कारोबारियों ने दो स्थानों पर बना रखे गोदाम से मिलावटी डीजल, पेट्रोल हटाकर अन्यत्र रखवा दिया है। स्थानीय पुलिस को भी शायद इसी का इंतजार था।
पुलिस अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। तेल के कारोबारियों ने अपना मकड़जाल पूरे इलाके में फैला रखा है, ऐसे में कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा है। लोगों में चर्चा आम हो गई है कि पुलिस कारोबारियों के हाथों में खेल रही है। ऐसे में पुलिस कार्रवाई कर अपनी कमाई कम नहीं करना चाहती है। जाहिर है कि मामले को लेकर पुलिस की पोल खुल गई है।