फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीलरों के वाहन से होती है खाद्यान्न की डिलेवरी

Mon, 27 Jun 2016 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
विज्ञापन
crime
विज्ञापन
एफसीआई नेवादा के गोदाम से हो रही खाद्यान्न की कालाबाजारी पर रोक लगा पाना इतना आसान नहीं है। गोदाम से खाद्यान्न की होने वाली डिलेवरी कोटेदार की है या डीलर की इसका पता लगाना मुश्किल है। पकड़े गए तो कोटेदार का माल बता डीलर साफ बच निकलते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अमले को गोदाम से कोटेदार के घर तक पैनी नजर लगानी होगी।
विज्ञापन


डीलरों के मकड़जाल में फंसे एफसीआई गोदाम नेवादा में खाद्यान्न की कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है। कालाबाजारियों, गोदाम एमआई और कोटेदारों के बीच हो रहे खेल के तिलिस्म को इतनी आसानी से तोड़ पाना मुश्किल है। सूत्रों की माने तो खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वालों ने न केवल गोदाम को हाईजैक कर रखा है बल्कि उनके ही लोडर वाहनों पर लादकर कोटेदारों के यहां खाद्यान्न की डिलेवरी होती है। ऐसे में गोदाम से माल किसी न किसी कोटेदार के नाम से निकलता है पर वह गांव पहुंचता है या नहीं इसका पता लगाना कठिन हो जाता है।

सिर्फ उन्हीं कोटेदारों के कारनामों की जानकारी हो पाती है जिस गांव की जनता खाद्यान्न न मिलने पर उच्चाधिकारियों के यहां यह शिकायत करती है कि कोटेदार उठान न होने की बात बता रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी बमुश्किल रहस्य से पर्दा तब उठा पाता है जब ढंग से जांच की जाती है। यही कारण है कि गरीबों के खाद्यान्न की कालाबाजारी का कारोबार दिनो दिन चरम पर पहुंचता जा रहा है। बहरहाल डीलरों के वाहन गोदाम से अटैच होने के चलते यह बता पाना मुश्किल हो जाता है कि वाहन में लदा खाद्यान्न डीलर का है या कोटेदार का। ऐसे में यदि किसी अधिकारी ने रास्ते में खाद्यान्न पकड़ भी लिया तो वाहन चालक कोटेदार का माल बताकर साफ बच निकलते हैं। ऐसे में खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वाले डीलरों के तिलिस्म को तोड़ने के लिए सबसे पहले इनके वाहनों को गोदाम से खदेड़ना होगा।
विज्ञापन


गोदाम में सिर्फ कोटेदारों को ही खाद्यान्न निर्धारित मात्रा में दिया जाता है। निकासी होने के बाद रास्ते में क्या होता है इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। खाद्यान्न की कालाबाजारी कैसे होती है मामला किसी से छिपा नहीं है।
विज्ञापन

सत्य प्रकाश राय, एमआई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें