सिंचाई विभाग के पंजीकृत कांट्रेक्टर कृष्णकांत मिश्र के बेटे आनंद मोहन उर्फ शिवम (16) की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। तीन दिन पहले बाइक सवारों ने उसे घर से अगवा कर लिया था। गुरुवार सुबह गांव से बाहर उसकी लाश मिली। सूचना के दो घंटे देरी से पहुंची पुलिस को देख लोगों का गुस्सा भड़क उठा। लोग शव पोस्टमार्टम हाउस नहीं ले जाने दे रहे थे। अफसरों ने किसी तरह समझा कर गुस्सा शांत कराया। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
सरायअकिल थाने के बरई गांव निवासी कृष्णकांत मिश्र का बेटा शिवम चार बहनों में इकलौता था। शिवम ने इसी साल दसवीं की परीक्षा दी थी। मंगलवार की शाम गांव के भाऊ तिवारी के यहां हो रही भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने के लिए वह गया था। इस दौरान शिवम के मोबाइल में किसी का फोन आया तो वह बीच में ही कथा छोड़कर चला गया। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ था। सुराग नहीं लगने पर बुधवार को उसके पिता ने सरायअकिल थाने में तहरीर दी। बताया कि ग्रामीणों ने घटना वाले दिन शिवम को दो लोगों के साथ बाइक से जाते देखा था।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। गुरुवार की सुबह सात बजे गांव से बाहर नलकूप के समीप उसकी लाश देख सभी चौंक गए। कातिलों ने उसे गला घोट कर मौत के घाट उतारा था। शरीर पर भी चोट के निशान सहित चेहरे को जलाने की कोशिश की गई थी। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। करीब दो घंटे बाद पहुंची पुलिस को देख लोगों का गुस्सा भडक गया। ग्रामीण पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अफसरों व डॉग स्क्वायड को बुलाने की मांग कर रहे थे। मौके पर एएसपी अशोक कुमार, सीओ चायल एसएस ग्रोवर, थानाध्यक्ष सराय अकिल हेमंत कुमार मिश्र कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। एएसपी ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। वारदात को अंजाम किसने दिया? इस बाबत घरवाले कुछ बता नहीं पा रहे है।
पुलिस कई बिन्दुओं पर मामले की जांच कर रही है। गांव के लोग पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को उठाने नहीं दे रहे थे। सीओ चायल को सराय अकिल पुलिस की भूमिका के बाबत जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
अशोक कुमार, एएसपी कौशांबी