अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) ने हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए दोे हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्या की यह घटना कोखराज थाना क्षेत्र के नजरगंज गांव में 21 साल पहले अंजाम दी गई थी। इस मामले में कुल 12 आरोपी थे। हत्या का जुर्म दो आरोपियों पर ही साबित हुआ।
अभियोजन के अनुसार नजरगंज गांव की केवली पत्नी रामखेलावन ने 13 जून 1996 को कोखराज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसका बेटा ओमप्रकाश सुबह खेत में पानी लगाने गया था। खेत में पानी लगाने के दौरान उसका गांव के ही बच्चूलाल आदि से विवाद हो गया। इस पर उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। कोखराज थाने की पुलिस ने मामले में बच्चूलाल पुत्र दुजई, शिवदास पुत्र नत्थू, कलावती पत्नी विशाल, सुषमा देवी पत्नी धरमदास, महरनियां पत्नी शिवदास, रामकली पत्नी बच्चूलाल, चौरी पत्नी रामदास, सतनी पत्नी अर्जुन, रामदास पुत्र दुजई, विशाल पुत्र दुजई, अर्जुन पुत्र दुजई, बच्चीलाल प्रधान पुत्र दशऊ के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। इस मामले की सुनवाई सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) इफ्तेखार अहमद ने की। सुनवाई के दौरान वादिनी समेत सभी गवाहों को शासकीय अधिवक्ता ने पेश किया। उभय पक्षों को सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया गया। बच्चूलाल और शिवदास पर ही हत्या का आरोप साबित हुआ। इस पर न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।