महेवाघाट कोतवाल रहे रामेन्द्र सिंह को बालू का अवैध खनन कराना महंगा पड़ा। रोक के बाद भी यमुनापुर और जमुनापुर घाट से बालू का अवैध करोबार कोतवाल के इशारे पर चल रहा था। इन घाटों पर बालू इकट्ठा कराकर रात में उसे बेच दिया जाता था। जांच पड़ताल के बाद मंगलवार को पुलिस अधीक्षक ने उन्हें हटाते हुए नए कोतवाल को कार्यभार सौंप दिया है। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से यमुना तराई के थानेदारों और पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचा है।
महेवाघाट पुलिस के नाक के नीचे से बालू का अवैध खनन कारोबारी बेखौफ होकर कर रहे थे। मंगलवार के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित खाकी के निगहबानी में हो रहा बालू खनन शीर्षक खबर को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने जांच कराई तो महेवाघाट थाने के कोतवाल रहे रामेन्द्र सिंह की भूमिका संदिग्ध मिली। तहकीकात कराने के बाद मंगलवार को एसपी ने कोतवाल महेवाघाट को हटाते हुए पुलिस लाइंस में रहे इंस्पेक्टर अवधेश चौरसिया को महेवाघाट थाने का कोतवाल बनाया गया है।