नेवादा। दो माह की मृत बेटी के जिंदा होने की आशंका पर नेवादा गांव की विवाहिता और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने कब्र खोदकर उसकी लाश निकाल ली। उधर, शव खोदकर घर लाने की भनक लगते ही गांववालों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर आई पुलिस ने शव को डॉक्टर को दिखाकर घरवालों को मौत की पुष्टि कराई। इसके बाद घरवालों को समझा-बुझाकर पुलिस ने मासूम के शव को दुबारा दफन करा दिया है।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी दिनेश कुमार मोटर साइकिल की मरम्मत का काम करता है। दो महीने पहले उसकी पत्नी सुनीता देवी ने बेटी को जन्म दिया था। मंगलवार की रात उसकी दुधमुंही बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ी और देखते ही देखते उसकी सांसें थम गईं। बुधवार को मृत बेटी को घरवालों ने सईदपुर घाट के समीप ले जाकर दफन कर दिया था। बेटी की मौत पर सुनीता रातभर सिसकती रही।
सुबह उसने घरवालों को बताया कि उसकी बेटी जिंदा है। फिर क्या था जिद करके वह पति और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सईदपुर घाट पहुंची और कब्र खोदकर बेटी की लाश को घर उठा ले आई। इतना ही नहीं उसने बेटी को दूध भी पिलाने की कोशिश की। इधर, बेटी के कब्र में जिंदा होने की अफवाह फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर तिल्हापुर चौकी पुलिस भी आ गई।
पुलिस ने जांच के बाद शव को ले जाकर स्थानीय एक चिकित्सक को दिखाकर घरवालों को बालिका की मौत की पुष्टि कराई। इसके बाद परिजनों को समझा-बुझाकर शव को दुबारा दफन करवा दिया है। सीओ चायल आलोक कुमार ने बताया कि यह बेटी की मौत से गमगीन युवती का वहम था। घरवालों को उसे समझाना चाहिए था। फिलहाल प्रकरण की जांच कराई जा रही है।