दोआबा के परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहालों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुधार के लिए संचालित मिड-डे-मील योजना का हाल बेहाल है। अव्वल तो किसी भी स्कूल में दोपहर के खाने की गुणवत्ता का ख्याल ही नहीं रखा जा रहा है। मीनू को दरकिनार कर गंदगी के बीच बनाया जा रहा भोजन करना बच्चों की मजबूरी है। कहीं गैस सिलिंडर चोरी चला गया है तो कहीं ग्राम प्रधान के कब्जे में है। ऐसे में मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी से बन रहे प्रदूषित भोजन ही बच्चों को खिलाया जा रहा है। तमाम स्कूलों में हैंडपंप लगे ही नहीं है। जहां लगे भी हैं तो खराब हैं। नौनिहालों को गला तर करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बच्चों को शुद्ध खाना तो दूर साफ पानी भी नहीं नसीब हो रहा है। पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ में एमडीएम का खाने व प्रदूषित पानी से एक साथ बीमार हुए 75 बच्चों की बड़ी घटना के बाद भी जिले के स्कूलों में कोई एहितयात नहीं बरती जा रही है। गुरुवार को अमर उजाला टीम ने कौशाम्बी के कई स्कूलों का जायजा लिया तो स्थिति काफी चौंकाने वाली दिखी।
समय-12.30 बजे
रोटी-सब्जी की जगह परोसा गया चावल-सब्जी
सरायअकिल। नेवादा ब्लॉक के बसुहार गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बच्चे गंदगी के बीच फर्श पर सब्जी-चावल खाते मिले। उसकी भी गुणवत्ता काफी हल्की थी। आलू, गोभी, टमाटर की सब्जी के नाम पर हल्दी,नमक युक्त पानी दिख रहा था। जबकि गुरुवार को मीनू के मुताबिक रोटी-सब्जी बननी चाहिए। प्रधानाध्यापक अशोक मिश्रा ने बताया कि कोटेदार की ओर से गेहूं नहीं मुहैया कराए जाने से चावल-सब्जी बनाया गया है। गैस सिलिंडर भी चोरी हो गया है। इसके चलते मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी से खाना बनाया जा रहा है।
समय-12.35 बजे
प्रधान के कब्जे में गैस सिलिंडर,चूल्हे में बना खाना
कड़ा। कड़ा ब्लॉक के नासिरपुर फरीदगंज गांव में एक ही परिसर पर संचालित प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय में भी मीनू दरकिनार कर सब्जी-रोटी की जगह दाल रोटी बनी थी। यहां दाल के नाम पर पानी की मात्रा अधिक देखने को मिली। पूमावि के हेडमास्टर अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि सालों से स्कूल का गैस सिलिंडर प्रधान के कब्जे में है। इसलिए लकड़ी पर खाना बनाया जा रहा है। रसोई घर के आसपास भी गंदगी दिखी।
समय-12.45
प्राइमरी का हैंडपंप खराब, कन्या विद्यालय में एमडीएम ठप
पिंडरा। करारी कस्बे के पूमा कन्या विद्यालय में तो जनवरी से एमडीएम ही नहीं बन रहा है। प्रधानाध्यापिका आयशा सिद्दीकी ने बताया कि कनवर्जनमनी नहीं मिलने से बच्चों को मिड-डे-मील नहीं परोसा जा रहा है। यहां से कुछ दूरी पर संचालित प्राथमिक विद्यालय करारी प्रथम में खाना तो बना पर, मीनू को दरकिनार कर दिया गया। सिलिंडर चोरी होने की वजह से मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी से बनी दाल कम पानी ज्यादा और रोटी खा रहे बच्चों को परिसर में शुद्ध पेयजल तक नहीं मिल रहा है। प्रधानाध्यापक मो. सईद ने बताया कि डेढ़ साल से बिगड़े हैंडपंप की मरम्मत के लिए सभी विभागीय अफसरों से कहा गया पर, किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
समय-1.00 बजे
गड़रियन का पूरा प्राइमरी स्कूल से भूखे पेट लौटे बच्चे
मंझनपुर। मुख्यालय से सटे सिराथू ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गड़रियन का पूरा गांव में गुरुवार को एमडीएम बनाया ही नहीं गया। प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र पांडेय का कहना है कि पिछले तीन महीने से स्कूल को राशन ही नहीं मुहैया कराया गया है। यहां हेडमास्टर समेत तीन शिक्षकों का स्टॉफ है। पर, जिला मुख्यालय के करीब होने के बावजूद शिक्षकों का पठन-पाठन से कोई मतलब नहीं रहता है। अक्सर शिक्षक गायब ही रहते हैं। गुरुवार को भी दो शिक्षक विद्यालय में नहीं थे।
क्या कहते हैं अफसर
समय-समय पर स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान पठन-पाठन से लेकर एमडीएम तक की जांच-पड़ताल की जाती है। इस दौरान लापरवाही मिलने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाती है।
महराज स्वामी-बीएसए