जिला जेल में बंदियों को यातनाएं दी जा रही हैं। रुपया न मिलने पर बंदियों को पीटा जा रहा है। दो दिन पहले कैंटीन में एक बंदी रक्षक ने सुविधा शुल्क न देने पर पांच बंदियों को पीट दिया। इससे बंदी आक्रोशित हैं। बंदियों ने इसका विरोध करते हुए गुरुवार से अनशन करने की चेतावनी दी है। वह इसकी तैयारी में भी जुटे हैं। बंदियों के परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो वह परेशान हो गए। शाम को अधिकारियों से गुहार लगाने परिजन पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
केंद्रीय कारागार (नैनी) की तरह जिला जेल में भी वसूली का खेल शुरू हो गया है। कैंटीन में दो गुना, तीन गुना दाम पर सामान तो दिया ही जाता है। इसके अलावा यहां पर बैरक में अन्य सुविधा देने के नाम पर बंदी रक्षक जबरन बंदियों से वसूली करते हैं। गरीब तबके के बंदी रुपया देने से इंकार कर देते हैं तो उनसे मारपीट की जाती है। इसके पहले भी इस तरह की कई शिकायतें हो चुकी है। दो दिन पहले भी एक बंदी रक्षक ने पांच बंदियों को कैंटीन में पीटा।
इस घटना से बंदियों में आक्रोश है। बंदियों ने दुहाई देकर सभी को जेल के भीतर लामबंद करना शुरू कर दिया है। बंदियों ने मारपीट की घटना का विरोध करते हुए गुरुवार से अनशन करने की चेतावनी दी है। वह इसकी तैयारी भी कर रहे हैं। परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो वह परेशान हो गए हैं। बंदी किसी और समस्या में न फंस जाए, इससे उन्हें बचाने के लिए वह बुधवार की शाम अधिकारियों से मिलने पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। मामले में जेल अधीक्षक हरीराम दोहरे का कहना है कि बुधवार को वह अवकाश के बाद आए हैं। ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसी कोई घटना हुई है तो वह जांच कराकर कार्रवाई कराएंगे।