शुक्रवार की रात कछुआ स्थिति 33 केवीए के सब स्टेशन में एकाएक तेज आवाज के साथ आऊट गोइंग मशीन में आग लग गई। देर रात हुई इस घटना से अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर मौजूद प्राइवेट कर्मचारियों ने फायर बिग्रेड को सूचना देने के साथ स्वयं आग बुझाने में जुट गए। उपकेंद्र में हुए विद्युत हादसे में तीन फीडर की सप्लाई ठप हो गई है।
शुक्रवार की रात तकरीबन एक बजे का वाक्या है। उपकेंद्र में मौजूद प्राइवेट कर्मचारी चैन से सोए हुए थे। एकाएक तेज आवाज से सबकी नींद खुल गई। देखा तो आऊट गोइंग मशीन जल रही थी। कर्मचारी ने आनन-फानन में सभी सात फीडरोें की सप्लाई बंद कर आग बुझाने में लग गए। सैनी फायर बिग्रेड और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पर, दमकल कर्मी आग बुझाए जाने के बाद पहुंचे। कर्मचारियोें का कहना है कि उन लोगों ने किसी तरह सुलग रहे विद्युत उपकरणों में बालू फेंक आग बुझाया।
सबसे अहम बात यह रही कि उपकेंद्र में आग बुझाने के लिए एक भी उपकरण मौजूद नहीं थे। विभाग के अधिकारियों ने कभी भी इसकी जरूरत भी महसूस नहीं की। विद्युत हादसे से टांडा, अजुहा और शहजादपुर फीडर की सप्लाई ठप हो गई है। इससे संबंधित फीडर के सैकड़ाें गांव में हाहाकार मचा हुआ है। एसडीओ आरसी अनुरागी का कहना है कि फाल्ट ठीक करने के लिए विशेषज्ञाें की टीम लगा दी गई है। दावा किया कि शीघ्र ही बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।