चायल (ब्यूरो)। बेमौसम हुई बारिश की सीलन से बुधवार की सुबह फतेहपुरघाट गांव में एक दीवार भरभराकर गिर गई। गिरी दीवार के मलबे में दबने से तीन बच्चे दबकर घायल हो गए। मलबे में बच्चों के दबने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार पर जुटे ग्रामीणों ने मलबा हटाकर बच्चों की जान बचाई। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बता दें कि कौशाम्बी में रविवार की रात से तीन दिनों तक झमाझम बारिश हुई। बेमौसम हुई इस बारिश से कच्चे मकानों में सीलन भी आ गई है। इसी सीलन के कारण बुधवार की सुबह चायल तहसील क्षेत्र के फतेहपुरघाट गांव निवासी राम लौटन के मकान की एक दीवार जमींदोज हो गई। बताया जाता है कि बुधवार की सुबह उसकी बेटी माधुरी देवी (17) अपनी छोटी बहन डाली (12) और भाई अनूप (10) के साथ बरामदे में आग जलाकर ताप रही थी। भुक्तभोगी राम लौटन ने बताया कि घर के अन्य सदस्य घरेलू कामकाज में जुटे थे। इसी बीच उसके मकान की कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने से उसके मलबे में तीनों बच्चे दब गए।
दीवार गिरने की आवाज और परिजनों की चीख-पुकार से पूरे गांव में हाहाकार मच गया। बच्चों के दबे होने की सूचना से लोग सहम गए। मौके पर जुटे गांववालों ने बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाते हुए मलबा हटाना शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद गांववालों ने मलबा हटाकर उसके नीचे दबे तीनों बच्चों को बाहर निकाला। बच्चों की सांसें चलती देख घरवालों के साथ ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करा दिया है।