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प्रसूताओं का अंधेरे में कराया जा रहा प्रसव

Sat, 06 Aug 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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स्वास्थ्य महकमा मरीजों के प्रति बेहद लापरवाह है। इसका जीता जागता उदाहरण न्यू पीएचसी करारी है। यहां प्रसूताओं का प्रसव अंधेरे में मोमबत्ती या मोबाइल टार्च की रोशनी में करा दिया जाता है। अस्पताल में बिजली नहीं आती है। एक हफ्ते से ट्रांसफार्मर फुंका है। हैरत है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने ट्रांसफार्मर मंगाने के लिए कुछ नहीं किया और बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर भेजा नहीं। बिजली विभाग के अफसर हैं कि वह अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह का ट्रांसफार्मर भी समय से नहीं बदल पा रहे हैं।
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न्यू पीएचसी करारी में विद्युत आपूर्ति के लिए विभाग ने 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा रखा है। पखवारे भर पहले ट्रांसफार्मर अचानक फुंक गया। इससे अस्पताल की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। ट्रांसफार्मर फुंकने की जानकारी डॉ. इरसाद अहमद ने मौलानी उपकेंद्र के जेई को दी। हफ्ते भर का समय बीतने के बाद भी जेई फुंका ट्रांसफार्मर नहीं बदलवा सके। इसके चलते दिन में इलाज कराने आने वाले मरीजों और चिकित्सकों का बुरा हाल है।

उमस भरी गर्मी में बैठकर चिकित्सकों को जहां इलाज करना पड़ता है वहीं मरीज अस्पताल के बाहर गलियारे में बैठकर डॉक्टर को दिखाने का इंतजार करते हैं। सबसे अधिक परेशानी प्रसूताओं को होती है। पीएचसी में आने वाली प्रसूताएं प्रसव पीड़ा से कराहती रहती हैं। उन्हें प्रसव के लिए अंदर ओटी में ले जाया जाता है। बिजली के अभाव में ओटी के पंखे बंद रहते हैं। इसके चलते गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा के साथ-साथ उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ता है। उधर स्टॉफ नर्स मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराने को मजबूर हैं।
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जेनरेटर का नहीं है इंतजाम
 न्यू पीएचसी करारी में प्रसूताओं का प्रसव कराने के लिए स्टॉफ नर्स रजनी की तैनाती तो कर दी गई है पर सुविधाओं का अभाव है। प्रसव जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए महकमे के जिम्मेदारों ने बिजली के अलावा रोशनी का कोई अन्य इंतजाम नहीं किया है। अस्पताल में जेनरेटर न होने के कारण अंधेरे में प्रसव कराया जाता है। ऐसे में कभी भी नवजात के साथ अनहोनी का खतरा भी बना रहता है लेकिन जिम्मेदार हैं कि उन्हें इस बावत सोचने तक की फुरसत नहीं है।

गर्मी से बेहाल हो जाते हैं अस्पताल आने वाले मरीज
करारी स्थित न्यू पीएचसी में इलाज कराने के लिए स्थानीय कस्बे के अलावा मोअज्जमपुर, अगियौना, मौलानी समेत दर्जनभर गांवों के मरीज आते हैं। भीषण गर्मी और तेज धूप में मीलों चलकर आने वाले मरीजों का अस्पताल पहुंचते ही हाल बेहाल हो जाता है। अस्पताल में पहुंचने के बाद मरीज कमरे के भीतर एक मिनट भी नहीं रुक पाते।

ऐसे में उन्हें चिकित्सक को दिखाने में भी कठिनाई होती है। मरीज चिकित्सक के पास पर्चा जमा कर बाहर बैठ जाते हैं। जब उन्हें बुलाया जाता है तो वह चिकित्सक के पास पहुंचकर बीमारी की दवा लेते हैं। शुक्रवार को कुछ ऐसा ही नजारा अस्पताल में देखने को मिला। करारी के कस्बे के नेता नगर निवासी बेबी, सुनीता देवी, कुसमा और लोध का पुरवा निवासी दिलीप गर्मी से बेहाल होकर अस्पताल के गलियारे में बैठे नजर आए।
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मुझे जानकारी नहीं थी। अस्पताल में बिजली का न होना बड़ी बात है। लिखापढ़ी कर 24 घंटे के भीतर अस्पताल का फुंका ट्रांसफार्मर बदलवाया जाएगा।
विनम्र पटेल, जेई मौलानी उपकेंद्र
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