फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपनोें ने झाड़ियों में फेंका, गैर अपनाने को अस्पताल तक दौड़ते चले गए

Sat, 06 Aug 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में बच्चे को देखने पहुंची जिला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

विज्ञापन
 शहर के जोगेंद्र नगर में रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में शुक्रवार लगभग चार बजे के आसपास एक नवजात झाड़ियों में पड़ा मिला। वहां पशुओं को चरा रही महिला ने इसकी सूचना पुलिस को दी और बच्चे को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने महिला की शिकायत पर अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उधर, नवजात को अपनाने के लिए भी जमकर खींचतान हुई। जिस महिला को बच्चा मिला, उसकी बहन ने उसके कोई पौत्र नहीं होने का हवाल देते उसे जब बच्चे को देने का अनुरोध किया तो उसकी सगी बहन ही विरोध में उतर पड़ी। आखिर में स्वास्थ्यकर्मियों के समझाने पर दोनों बहनें शांत हुईं।


जोगेंद्र नगर निवासी महिला कमलेश रेलवे लाइन के निकट पशुओं को चरा रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो लोगों ने महिला को बताया कि झाड़ियों में से एक नवजात पड़ा है। जब वह मौके पर पहुंची तो बच्चा जिंदा था। इसके बाद वह बच्चे को परिजनों के साथ घर पर ले आई और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर शहर थाना पुलिस पहुंची और बच्चे को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। नागरिक अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनु ने बताया कि नवजात स्वस्थ है और उसका वजन पौने दो किलोग्राम है।
विज्ञापन



इससे स्पष्ट होता है बच्चे का पूरे समय पर ही डिलीवरी हुई है। ओरनाल काटने तथा उस पर बैंड लगाने से साफ होता है कि डिलीवरी भी विशेषज्ञ की देखरेख में हुई है। बच्चे के स्थिति को देखकर लग रहा है बच्चे के जन्म लगभग 11 बजे हुआ है और उसके बाद ही उसे झाड़ियों में फेंका गया है। झाड़ियों में पड़े रहने व तेज धूप लगने के कारण बच्चे को हल्का बुखार है, अस्पताल में पहुंचते ही बच्चे को दवा दे दी गई और उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। चेहरे तथा कान पर कांटे भी लगे हैं उसका भी उपचार किया जा रहा है। महिला कमलेश की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।


बच्चे को अपने पास रखने भिड़ी दो बहनें
जहां शिशु के जन्म के लगभग एक घंटे के बाद ही उसकी मां ने मरने के लिए झाड़ियों में छोड़ दिया, वहीं जिस महिला कमलेश को नवजात झाड़ियों में मिला उनके परिवार में शिशु को अपने पास रखने के लिए घमासान हो गया। जब महिला कमलेश बच्चे को लेकर अपने घर पहुंची तो उसकी बहन बुल्ली ने कहा कि उसके कोई पौत्र नहीं है। इसलिए इस बच्चे को वह उसे दे दे। इस पर कमलेश ने बच्चे को देने से मना कर दिया। इसके बाद उसके ही परिवार में बच्चे को रखने को लेकर जमकर खींचतान हुई।

इसी बीच नवजात मिलने की सूचना पर पुलिस पहुंची और उसे नागरिक अस्पताल ले आई। यहां पर कमलेश की बहन बुल्ली अपने बेटे सतीश, पुत्रवधू किरण के साथ नागरिक अस्पताल पहुंच गई। यहां पर भी बुल्ली ने बताया कि उसके बेटे की पांच बेटियां हैं, लेकिन एक भी लड़का नहीं है। इसलिए इस बच्चे को उसे दे दिया जाए। लेकिन इसके बाद उसकी ही बहन कमलेश ने बच्चे पर अपना दावा ठोकते हुए कहा कि वह बच्चे को किसी को भी नहीं देने देगी। दोनों परिवारों में घमासान होता देखकर वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने समझाया कि बच्चा अब जिला प्रशासन की देखरेख में रहेगा और फिलहाल किसी को भी यह बच्चा नहीं दिया जाएगा। इसके बाद दोनों परिवार शांत हुए।
विज्ञापन



बच्चे को भेजा जाएगा सोनीपत शिशु गृह
नागरिक अस्पताल में पहुंची चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन योगिता दत्ता ने बताया कि झाड़ियों में मिले बच्चे का फिलहाल नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है। जहां पर चिकित्सकों ने बताया है कि बच्चे का स्वास्थ्य स्थिर है। चिकित्सकों द्वारा बच्चे को स्वस्थ घोषित करने के बाद सोनीपत के शिशुगृह में भेजा जाएगा।


पटियाला चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार ने बताया कि झाड़ियों से बच्चे को निकालने वाली महिला कमलेश की शिकायत पर अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें