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24 घंटे तक चला पुलिस और ग्रामीणों में गुरिल्ला युद्ध

Thu, 13 Oct 2016 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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करारी थाना क्षेत्र के कटरा-रक्सवारा में 24 घंटे तक ग्रामीणों व पुलिस के बीच रार मची रही। दुर्गा प्रतिमा का विर्सजन न होने से मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ बवाल बुधवार शाम तक चला। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच कई बार भिड़ंत हुई। बुधवार को छह बार पुलिस व ग्रामीणों ने एक दूसरे को दौड़ाया व पत्थर चलाए। इस दौरान एक दर्जन लोग हिरासत में भी लिए गए।
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    रक्सवारा गांव के मजरा कटरा व रामपुर में तीन दुर्गा प्रतिमाएं रखी थी। रक्सवारा गांव की दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन हो गया था। कटरा व रामपुर रक्सवारा की मूर्तियाें का विसर्जन होना था। इन्हीं मूर्तियाें को रक्सवारा गांव के बीचोंबीच रोक दिया गया था। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे मूर्तियों को रोके जाने से जुलूस में शामिल महिलाएं, बच्चे व युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस पहुंची तो नोकझोंक शुरू हो गई। शाम को अधिकारी पहुंचे, कोई बात नहीं बनी। हालांकि पुलिस मूर्तियों को निकलवाने का प्रयास कर रही थी। प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग न मिलने पर पेच फंस गया। शाम को मूर्तियां वापस हो गईं। इसी के बाद से लोगों ने पुलिस से भिड़ने की तैयारी कर ली थी। देर रात डीएम व एसपी कटरा पहुंचे। कटरा के अवधेश जायसवाल ने डीएम से बातचीत की। डीएम ने साफ इंकार कर दिया तो अवधेश जायसवाल ने विरोध कर दिया।

इसके बाद पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। तोड़फोड़ करने के साथ ही मारपीट शुरू हो गई। एक घंटे बाद मामला शांत होने पर पुलिस ने कार्रवाई की। कई लोगों को घरों से निकालकर पीटा। दूसरे दिन बुधवार को सुबह पुलिस ने जबरन मूर्तियों का विसर्जन करा दिया। पुलिस की मंशा थी कि मामला शांत हो जाएगा, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। कटरा, रामपुर, रक्सवारा, खुजवा, रानीपुर समेत आधा दर्जन गांव के लोगों ने रक्सवारा गांव में घुसी पुलिस को पंचायत भवन के समीप घेर लिया। ताजिया जुलूस का मार्ग भी प्रभावित कर दिया। पुलिस ने दौड़ाया तो घेरकर पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद बुधवार को दिन भर में पुलिस व ग्रामीणों के बीच करीब छह बार भिड़ंत हुई। पुलिस व ग्रामीणों के बीच चल रहे संघर्ष को देखते हुए गांव के लोग सहमे रहे। दरवाजा-खिड़की बंद कर लोग घरों में ही दुबके रहे।
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शाम होते ही दबिश तेज, हिरासत में दस
बवाल से बौखलाई पुलिस ने बुधवार शाम से ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। एसपी वीके मिश्र ने उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की। इसके बाद पुलिस ने कटरा, रक्सवारा, खोजवापुर, रानीपुर समेत एक दर्जन गांवों में दबिश दी। यहां से करीब दस लोग उठाए गए हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है। देर शाम तक पुलिस ने गांव में हुए उपद्रव की रिपोर्ट नहीं लिखी थी।

पत्रकार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज
कटरा-रक्सवारा गांव में एक न्यूज चैनल के पत्रकार ओम प्रकाश मिश्र निवासी भैला मकदूमपुर मंगलवार की रात घटना की जानकारी होने पर कटरा पहुंच गए थे। यहां लोग मूर्ति का विसर्जन न होने पर ताजिया उठाए जाने का विरोध कर रहे थे। इसी बीच लोगों ने पुलिस पर हमला बोला। पुलिस की छह गाड़ियों के साथ ही पत्रकार की कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। पत्रकार की तहरीर पर करारी थाने की पुलिस ने सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

एक शिकायत पर बिगड़ गया सारा खेल
पिंडरा (ब्यूरो)। कटरा व रामपुर रक्सवारा में स्थापित होने वाली मूर्तियां पहले गंगा में विसर्जित होती थी। तब इन मूर्तियों को लोग गांव के बाहर जाने वाले मार्ग से ही लेकर चले जाते थे। पिछले साल से इन मूर्तियों को बेरुई तालाब में विसर्जित किया जा रहा है। तालाब में जाने के लिए लोग रक्सवारा गांव के अंदर से होकर जाते थे। अबकी इस रास्ते से मूर्ति विसर्जन न हो, इसके लिए गांव के आशिक ने करारी थाने की पुलिस को तहरीर दी। साथ ही माहौल बिगड़ने की आशंका जाहिर की। मंगलवार को पुलिस ने रोका तो इतना बड़ा बवाल हो गया।

पुलिस पर भारी ग्रामीणों का गुस्सा
रक्सवारा गांव में पुलिस छह घंटे तक बुधवार को फंसी रही। रक्सवारा-बेरुई मार्ग में पंचायत भवन के समीप डीएम व एसपी फोर्स के साथ खड़े थे। गुस्साए लोगों ने चारों तरफ से फोर्स को यहीं घेर लिया। जिस गली की तरफ पुलिस बढ़ती, तीन तरफ से खेतों में छिप कर बैठे लोग पथराव शुरू कर देते। हालात बिगड़ गए तो पुलिस को अपने कदम रोकने पड़े। सबसे ज्यादा पुलिस को खतरा खोजवापुर के ग्रामीणों से था। वह पुलिस से 100 मीटर की दूरी पर हॉकी, डंडा, लोहे का रॉड आदि लेकर खड़े थे। खोजवापुर के लोगों ने पुलिस को खूब छकाया।

पकड़े गए लोगों को छुड़ाने पहुंच गए नेता जी
रक्सवारा गांव में बवाल करने वाले दो युवकों को बुधवार की दोपहर सिपाहियों ने घेरकर दबोचा। पूछताछ के बाद इनको थाने भेज दिया गया। इसकी जानकारी होने पर एक नेता वहां पहुंच गए। सीधे एसपी से बातचीत कर उन युवकों को छोड़ने को कहा। गुस्साए एसपी ने अपना हाथ दिखाते हुए कहा कि इन्हीं युवकों ने उन पर हमला किया था। इस पर नेता को वापस लौटना पड़ा।

अधिकारियों की एक भी रणनीति नहीं हुई कामयाब
पिंडरा (ब्यूरो)। कटरा व रामपुर रक्सवारा गांव में हुए बवाल के लिए काफी हद तक प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार हैं। पुलिस ने मूर्तियों को निकलवाने की तैयारी कर ली थी। पुलिस इसमें कामयाब भी हो जाती, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी ही रोड़ा बन गए। अधिकारी कार्रवाई का खौफ दिखाकर लोगों को शांत कराने की कोशिश में थे। यही कारण था कि पुलिस को मुंह की खानी पड़ी। किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने बातचीत के जरिए मामले को हल कराने की कोशिश नहीं की, बल्कि वह डांट-डपटकर मौके पर अपना पिंड छुड़ाते दिखे। जिसका परिणाम यह रहा कि इतनी बड़ी घटना हो गई।
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