जिद पर अड़ी पिपरी पुलिस को आखिर झुकना ही पड़ा। गैंगरेप के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कर अनशन पर बैठे पीड़ितों को वह समझाने पहुंची। सीओ ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तो गांव के बाहर तालाब किनारे अनशन पर बैठे लोग अपने-अपने घर गए। सीओ के साथ पिपरी एसओ, महिला पुलिस भी मौजूद रहीं।
पिपरी के एक गांव में 11 अक्तूबर की रात अपने साथी विक्रम सिंह, विनय सिंह, रोहित सहित पांच लोगों के साथ एक घर की दीवार फांदकर कूद गया था। घटना के वक्त परिवार की एक किशोरी अकेले थी। सभी लोगों ने किशोरी को दबोच लिया था, वह उससे दुराचार का प्रयास कर रहे थे। शोर मचाते हुए किशोरी आंगन में आ गई तो युवक दीवार फांदकर भाग निकले थे। दूसरे दिन 12 अक्तूबर को पीड़िता ने पिपरी थाने की पुलिस को तहरीर दी तो उसको परिजनों के साथ भगा दिया गया।
इसके बाद वह सीओ चायल से मिली। वहां से भी महिला को न्याय नहीं मिल सका। थाने और पुलिस अधिकारियों से न्याय न मिलता देख पीड़िता ने परिवार के साथ गांव के बाहर स्थित एक बाग में बुधवार की सुबह से भूख हड़ताल शुरू कर दिया। इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई तो उन्होंने पिपरी थानाध्यक्ष को जमकर फटकारा। इसके बाद सीओ पिपरी थाने की पुलिस व महिला आरक्षियों के साथ मौके पर पहुंचे। आरोपियों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज कर पहुंची थी। किसी तरह समझा-बुझाकर मामला शांत कराया तो पीड़ित पक्ष अपने घर गए। सीओ रामभवन यादव ने आश्वासन दिया है कि दो दिन के भीतर आरोपी पकडे़ जाएंगे।