थाना क्षेत्र के धवाड़ा गांव के बाहर स्थित ईंट-भट्ठे पर शनिवार की रात अलाव की चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। इसमें दो मजदूर जिंदा जल गए, जबकि तीन लोग झुलस गए। मजदूर प्रभाषगिरी का मेला देखने के बाद साथी की झोपड़ी में रुके थे। सूचना मिलने पर रविवार की सुबह डीएम-एसपी ने मौका-मुआयना किया।
पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के खरौना गांव का रहने वाला मोहन लाल (58) पुत्र जिल्ला धवाड़ा में स्थित गणेश ब्रिक फील्ड ईंट-भट्ठे में ठेकेदार था। वह मजदूरों को ले जाकर ईंट-पथाई का काम कराता था। शनिवार की रात लवकुश (25) पुत्र अमृत लाल, रमेश कुमार (35) पुत्र राम लखन, मनीष (28) पुत्र मुन्नी लाल निवासी घोसिया थाना सरायअकिल और रमेश (30) निवासी असकरनपुर मंगरोहनी प्रभाषगिरी का मेला देखने गए थे। रात में वह मोहन लाल की झोपड़ी में रुके। खा-पीकर सभी लोग देर रात अलाव तापने के बाद मोहनलाल की झोपड़ी में सो गए। रात करीब एक बजे अचानक झोपड़ी आग की लपटों से घिर गई। भीतर फंसे मजदूर चीखने-चिल्लाने लगे।
शोर सुनकर आसपास के मजदूर भागकर मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में लोगों ने आग में फंसे रमेश कुमार, मनीष कु मार और रमेश सिंह को किसी तरह बाहर निकाला। जब तक मोहन और लवकुश को झोपड़ी से निकालते छप्पर दोनों के ऊपर जा गिरा और इससे दोनों आग में जिंदा जल गए। घटना की खबर मिलते ही जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह व एसपी वीके मिश्र पुलिस फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस अफसरों ने जांच के बाद आग से झुलसे मजदूरों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मजदूरों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।