सिराथू तहसील क्षेत्र के नासिरपुर फरीदगंज गांव में कूड़े के ढेर से निकली चिंगारी ने सोमवार को तबाही मचा दी। आग की चपेट में आने से दस घर धू-धू कर जल गए। एक घर में रसोई गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया, इससे इलाके के लोग सहम गए। फायर बिग्रेड कर्मियों ने तीन घंटे बाद ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई। आग की चपेट में आने से एक वृद्धा झुलस गई। अग्नि पीड़ित दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। आग लगने से करीब दस से 12 लाख का नुकसान हुआ है।
नासिरपुर फरीदगंज निवासी लक्ष्मीकांत के घर के बगल में कूड़े का ढेर लगा था। सोमवार की दोपहर कूड़े के ढेर से निकली चिंगारी से लक्ष्मीकांत के घर में आग लग गई। हवा चलने के कारण आग तेजी से अगल-बगल स्थित घरों को अपनी चपेट में लेने लगी। ग्रामीणों ने देखा तो शोर मचाया और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग काबू में नहीं आ रही थी। देखते ही देखते आग की लपटों से घिर से लक्ष्मीकांत, महंगूलाल, राजाराम, अमृतलाल, बाबूलाल, सुदामा, धर्मराज, श्यामबाबू, रामप्यारे, उमेश के मकान जल गए। ग्रामीणों की सूचना पर सैनी व मंझनपुर से फायर बिग्रेड पहुंचा। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग बुझाना शुरू किया। इसी दौरान अमृतलाल के घर में रखा रसोई गैस सिलेंडर तेज आवाज के साथ फट गया। इससे भगदड़ मच गई। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ से काम लेते हुए आग बुझाई। आग की चपेट में आने से गोविंदी (80) झुलस गई। अमृतलाल की तीन बकरियां भी जल गई हैं। आग लगने से पीड़ितों को करीब दस से 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अमृतलाल, लक्ष्मीकांत के घरों में रखी नकदी भी आग में स्वाहा हो गई।
घर से बेघर हुए अग्नि पीड़ित
नासिरपुर फरीदगंज गांव में आग लगने से दस घरों की गृहस्थी राख हो गई है। पीड़ित परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। लक्ष्मीकांत, राजाराम, बाबूलाल, महंगूलाल, सुदामा, धर्मदास आदि के घरों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। इनकी गाढ़ी कमाई आग में स्वाहा हो चुकी है। मजदूर, किसानों के घर में लगी आग ने उनको तबाह कर दिया है। इनके पास कपड़े तक नहीं बचे हैं। तन में जो है, वही कपड़ा बचा है। आग की लपटों को देखकर महिलाएं दहाड़े मारकर रो रही थीं।
कैसे रेनू के हाथ होंगे पीले
नासिरपुर फरीदगंज निवासी लक्ष्मीकांत के घर से ही गांव में आग लगी थी। मामूली गलती लक्ष्मीकांत व गांव के लोगों को भारी पड़ी। आग की चपेट में आने से अमृतलाल का भी मकान स्वाहा हो गया है। अमृतलाल की बेटी रेनू की मई माह में शादी होने वाली है। शादी की तारीख तय हो चुकी है। अमृतलाल शादी की तैयारी में जुटा था। आग की चपेट में मकान आया तो रेनू को दहेज में देने के लिए इकट्ठा किया गया सारा सामान जलकर राख हो गया। दो बक्सा, एक आलमारी, कपड़ा, पलंग, कुर्सी आदि कुछ भी नहीं बचा। घर की दीवारें काली हो चुकी है, जमीन पर राख का ढेर है। अमृतलाल अपनी बेटी रेनू को देखकर आंसू बहा रहा है। अमृतलाल का कहना है कि अब वह शादी कैसे करेगा, कहां से वह रकम जुटाएगा। शादी के लिए उसने 25 हजार रुपये घर में रखे थे, वह भी जल गए।