कोटिया गांव में शुक्रवार की देर रात प्रधान के घर में जेल से फरार कैदी रामदास पाल ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। लगातार फायरिंग होने से पूरा गांव दहल गया। रामदास फतेहपुर जेल से पेशी पर कौशांबी लाते समय फरार हुआ था। सरायअकिल थाने की पुलिस के पहुंचने से पहले रामदास अपने साथियों के साथ भाग निकला। प्रधान ने रामदास समेत दस लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।
कोटिया गांव के प्रधान दिलसुख उर्फ लल्लू के घर में शुक्रवार की रात करीब 12 बजे अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। इससे प्रधान व उसके परिजन सहम गए। गांव के लोग भी अपने-अपने घरों में दुबके रहे। फायरिंग से प्रधान के घर में लगी सोलर लाइट टूट गई, दीवारों में जगह-जगह छेद हो गए। प्रधान ने मोबाइल से सरायअकिल एसओ राकेश सरोज को सूचना दी। वह मौके पर पहुंचते, इसके पहले ही फायरिंग करने वाले भाग निकले।
प्रधान ने पुलिस को बताया कि गांव के ही रामदास पाल ने अपने साथियों के साथ उनके घर पर धावा बोला था। रामदास पाल शातिर अपराधी है। गांव के ही श्यामलाल हत्याकांड समेत दोहरे हत्याकांड में भी वह वांछित था। फतेहपुर जेल में वह बंद था। पेशी पर आते समय वह सैनी से फरार हो गया था। प्रधान ने रामदास पाल समेत दस लोगों के खिलाफ सरायअकिल एसओ को नामजद तहरीर दी है। एसओ राकेश सरोज का कहना है कि मामला संदिग्ध लग रहा है। घटना की जांच की जा रही है। बताया कि प्रधानी चुनाव की रंजिश को लेकर पेशबंदी की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।