फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान की गला रेतकर हत्या

Mon, 12 Sep 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
विज्ञापन
crime
विज्ञापन
कोखराज के टिकरा में शनिवार रात महुआ की बाग में किसान मुंशीलाल की नृशंस हत्या कर दी गई। हत्यारों ने चारपाई पर सो रहे किसान का गला रेत कर मौत के घाट उतार दिया। खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे भाग निकले हैं। सुबह जानकारी होने पर पुलिस व परिवार वाले पहुंचे। मामले में गांव के दो लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी गई है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है।
विज्ञापन

   मूलरूप से महमदपुर निवासी मुंशीलाल (50) परिवार समेत बघेलापुर में रहता था। वह बाग की रखवाली व खेती-किसानी करता था। मुंशी की पांच बेटियां एक बेटा है। बेटी विमला, ललिता की शादी हो चुकी है, जबकि जुड़वा बेटी फूलमती, भानमती व मोना घर में रहती हैं।

बेटा लवलेश गांव के ही प्राइमरी विद्यालय में पढ़ता है। मुंशीलाल ने बघेलापुर से पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित टिकरा गांव में एक रखवाली के लिए महुआ की बाग ले रखी थी । वह वहीं झोपड़ी डालकर रहता था। बाग में उसने सुअरबाड़ा भी बना रखा था। शनिवार की रात वह खा-पीकर चारपाई पर सो रहा था। रात में उसकी गला रेत कर हत्या कर दी गई। गर्दन कटकर लटक गई थी। मुंशीलाल को मौत के घाट उतारने के बाद हत्यारे भाग निकले थे। सुबह परिजनों ने शव देखा तो कोहराम मच गया। सूचना पर कोखराज एसओ विनोद यादव के साथ एएसपी वीरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। पूछताछ के बाद उन्होंने घटना का मौका-मुआयना किया। मुंशीलाल की पत्नी राजपती ने टिकरा गांव के देशराज व लंगड़ पुत्रगण कल्लू के खिलाफ हत्या की आशंका जाहिर करते हुए तहरीर दी है। राजपति का आरोप है कि एक बेर की बाग की रखवाली को लेकर उसके पति को दोनों ने जान से मारने की धमकी दी थी। कोखराज पुलिस ने देशराज व लंगड़ को दबिश देकर हिरासत में ले लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन


टशन में हुई हत्या या तीसरे ने किया खेल
महुआ की बाग में बेरहमी से मौत के घाट उतारे गए मुंशीलाल के असली कातिल कौन है? इसका पता लगाने में पुलिस जुटी है। कोखराज थाने की पुलिस ने पत्नी की तहरीर मिलने के बाद दो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, लेकिन वह घटना के अन्य पहलुओं पर भी नजर गड़ाए है। अंदेशा है कि वादी-प्रतिवादी की लड़ाई में किसी तीसरे की भी भूमिका हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है।

   बघेलापुर गांव का मुंशीलाल मेहनती व्यक्ति था। बागों की रखवाली कर वह परिवार का भरण-पोषण करता था। इसके अलावा वह मवेशी भी पालता था। इस काम में उसकी पत्नी राजपति भी हाथ बंटाती थी। सबकुछ ठीकठाक चल रहा था। गांव के ही एक व्यक्ति की बेर व आम की बाग उसने ले ली थी। इसके बाद से ही उसकी गांव के ही देशराज व उसके भाई लंगड़ से तनातनी हो गई। ये बाग पहले देशराज के पास था। मुंशीलाल ने हाथ डाल दिया तो दोनों को नागवार गुजरा। इसका उन्होंने विरोध भी किया था। दोनों की धमकी के बाद मुंशीलाल ने बाग छोड़ दिया था और टिकरा गांव के बाहर महुआ की बाग में अपनी झोपड़ी डालकर रहने लगा था। शनिवार रात उसकी हत्या कर दी गई तो देशराज व लंगड़ उसकी पत्नी ही नहीं बल्कि कई और लोगों के निशाने पर आ गया। पत्नी ने सीधे हत्या का इल्जाम भी इन्हीं दोनों पर लगाया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें