आग ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रविवार को चरवा के टाटा में गेहूं की फसल को आग से बचाने के चक्कर में हाईटेंशन तार की चपेट में आकर किसान जिंदा जल गया। खेत के बगल में स्थित सहजन के पेड़ में विद्युत तार गिरने से आग लगी थी। आग की चपेट में खेत न आने पाए, इसी प्रयास में किसान की मौत हुई। रविवार को आग से दो घरों की गृहस्थी का सामान राख हो गया, वहीं आधा दर्जन गांवों में कई बीघे की फसल राख हो गई।
चरवा के टाटा निवासी रामचंद्र गुप्ता रविवार की सुबह परिजनों के साथ गेहूं की फसल काट रहे थे। इसी दौरान खेत के बगल में स्थित सहजन के हरे पेड़ पर हाईटेंशन विद्युत तार गिर गया। इससे पेड़ धू-धू कर जलने लगा। खेत को आग से बचाने के लिए रामचंद्र गुप्ता भागकर पहुंचा और बुझाने लगा। इससे वह करंट की चपेट में आ गया और परिजनों के सामने ही उसकी मौत हो गई। शोर मचाने पर खेतों में काम कर रहे लोग भागकर आए और विद्युत उपकेंद्र को सूचना दी तो आपूर्ति बंद हुई। रामचंद्र गुप्ता की मौत से परिजनों में हाहाकार मचा हुआ है। मंझनपुर तहसील के दीवर कोतारी निवासी मुन्ना पंडित के नौबस्ता गांव के समीप स्थित ढाई बीघे खेत में रविवार दोपहर विद्युत तार गिरने से आग लग गई।
जब तक आग बुझाई जाती, पूरा खेत स्वाहा हो गया। सिराथू तहसील के डगैचा (शमसाबाद) निवासी श्रीचंद्र मौर्य, राजकुमार मौर्य और रामचंद्र मौर्य के खेत में करीब 1 बजे शार्ट सर्किट से आग लगी। इससे तीनों को भारी नुकसान हुआ। शमसाबाद के ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने पीड़ितों की मदद की। सेलरहा पूरब निवासी शिवनरेश सिंह के महुए के पेड़ में आग लग गई। जब तक लोग आग बुझाते बाग में लगे गोकुल प्रसाद, रामनिहोर, लल्लन, जयराम के आम, महुवा और जामुन के 13 पेड़ जल गए। दमकल कर्मियों ने यहां पहुंचकर आग बुझाई। इसके अलावा इछना व म्योहर गांव में आग लगने से चार बीघा की फसल स्वाहा हो गई। रविवार को ताबड़तोड़ अगलगी की घटनाएं होने से दमकल कर्मी दौड़ते रहे, लेकिन कहीं भी वह समय से नहीं पहुंच सके। इससे लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
कैसे होगी सुषमा की शादी
किसान रामचंद्र गुप्ता की रविवार को दर्दनाक मौत हो गई। वह अपने डेढ़ बीघा में खड़ी गेहूं की फसल को बचाने के चक्कर में काल के गाल में समा गया। रामचंद्र गुप्ता की तीन बेटियां व तीन बेटे हैं। इनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है। मई माह में सुषमा की शादी तय थी। रामचंद्र की मौत होने से इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुषमा के हाथ कैसे पीले होंगे, इसको लेकर परिवार चिंतित है। इस घटना से गांव के लोग गमगीन हैं।