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सदमे में दोआबा के दो और किसान की मौत

Sat, 25 Apr 2015 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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कड़ा/करारी (कौशाम्बी)। मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों के सदमे में कौशाम्बी के किसानों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। 24 घंटे के भीतर दो और अन्नदाताओं की सांसें थम गई। इनमें सिराथू के डोरमा गांव का किसान शिवनाथ और मंझनपुर के म्योहर गांव का किसान लक्ष्मन शामिल है। मड़ाई में गेहूं की 25 फीसदी से भी कम पैदावार देख इन दोनों किसानों की सांसें थम गईं। मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा है।
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सिराथू तहसील के डोरमा गांव निवासी शिवनाथ किसान था। उसके बेटे दिलीप ने बताया कि कुल दो बीघा खेत है। इसमें गेहूं की बुआई की गई थी। मौसम की मार से गिरकर सारी फसल चौपट हो गई थी। किसी तरह कटाई कराकर बृहस्पतिवार की शाम इसकी मड़ाई की गई। दो बीघे में कम से कम 20 कुंतल गेहूं की पैदावार होनी चाहिए। मगर मड़ाई में इस साल केवल 3 कुंतल ही अनाज निकला। यह देख उसके पिता परेशान हो गए। दिलीप की मानें तो खलिहान से लौटने के बाद वह घंटों गुमसुम बैठे रहे। रात में उन्होंने खाना भी नहीं खाया। रात करीब 10 बजे परिवार के सभी सदस्यों को बुलाकर कम पैदावार होने पर रोने लगे थे।

जब तक परिजन कुछ समझ पाते वह वहीं गिर पड़े। चीख-पुकार पर आसपास के लोगों ने आकर देखा तो उनकी मौत हो चुकी थी। दिलीप की मानें तो फसल बर्बाद होने के सदमे में ही उनके पिता की मौत हुई है। इसी तरह मंझनपुर तहसील के म्योहर गांव निवासी लक्ष्मन प्रसाद (42) की भी शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक शुक्रवार की सुबह करीब 8 बजे वह खेत की ओर गए थे। वहां मौसम की मार से गिरकर बर्बाद हुई फसल का उन्हें ऐसा सदमा लगा, कि वहीं खेत में गिरकर उनकी जान चली गई। सूचना पर एसडीएम मंझनपुर नरेंद्र बहादुर सिंह गांव गए थे। एसडीएम ने बताया कि किसान की मौत की जांच कराई जा रही है। बता दें कि अब तक बर्बाद हुई फसल के सदमे में जिले के 18 किसानों की मौत हो चुकी है।
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