चायल (कौशाम्बी)। पिपरी के तियरा गांव के अधेड़ की संदिग्धदशा में मौत हो गई। पत्नी ने पट्टीदारों पर हत्या और बगैर सूचना के शव यमुना नदी में प्रवाहित करने का आरोप लगाया है। भुक्तभोगी ने इसकी नामजद तहरीर भी पिपरी पुलिस को दी है। हालांकि एसओ ने ऐसी कोई शिकायत मिलने से इंकार किया है।
पिपरी कोतवाली क्षेत्र के तियरा गांव की शांति देवी ने बताया कि उसके सिर्फ दो बेटियां हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। कोई बेटा नहीं होने के कारण पट्टीदार उसकी जमीन पर कब्जा करना चाह रहे हैं। विवाहिता के मुताबिक गांव के बाहर सड़क किनारे भी उसकी आठ विस्वा जमीन है। जमीन का उसका पट्टीदार से विवाद चल रहा है। इसे लेकर कई बार झगड़ा भी हो चुका है। कहासुनी के दौरान आए दिन पट्टीदार पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते रहते थे। पट्टीदार की इन्हीं धमकियों के कारण वह पति रामसुरेमन के साथ कई महीने से बेटी की ससुराल भगवतपुर में रहने लगी थी। बताया कि बुधवार को पति रामसुरेमन घर, जमीन देखने तियरा गांव गए थे।
वहां बुधवार रात संदिग्धदशा में उनकी मौत हो गई। महिला का आरोप है कि पट्टीदारों ने उसे पति की मौत की सूचना तक नहीं दी। ग्रामीणों की खबर पर जब वह बेटी के साथ गांव पहुंची तो उसे पति की लाश भी देखने को नहीं मिली। पट्टीदारों ने आनन-फानन में शव यमुना नदी में प्रवाहित कर दिया था। विवाहिता का आरोप है कि जमीन के विवाद में ही उसके पति की जान ले ली गई। पट्टीदारों पर हत्या का आरोप लगाते हुए शांति देवी ने शुक्रवार को घटना की नामजद तहरीर पिपरी पुलिस को दी। उसका कहना है कि पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। मगर जब इस मामले में एसओ पिपरी पीके यादव से बात की गई तो उन्होंने ऐसी कोई शिकायत मिलने से इंकार किया। एसओ ने बताया कि यदि महिला ने ऐसी कोई तहरीर थाने में दी होगी तो प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। अधेड़ रामसुरेमन की मौत को लेकर गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।