मतदान के दौरान हुई हिंसा मामले में प्रतापगढ़ के अफसरों पर हुई कार्रवाई से सहमी कौशाम्बी पुलिस ने बृहस्पतिवार को सैनी के कमालपुर गांव में जबरदस्त छापेमारी की। मतपेटी लूट की कोशिश और पुलिस टीम पर हमले की 30 नामजदों की तलाश में पुलिस ने 4 घंटे तक सर्च अभियान चलाया। एक-एक घर की तलाशी ली गई। पर, कोई भी अभियुक्त हत्थे नहीं चढ़ा। उधर, पुलिस के सख्त तेवर से गांव के लोगों में खौफ है।
बता दें कि पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में 5 दिसंबर को सिराथू, कड़ा ब्लाक के 157 ग्रामसभा में मतदान कराया गया था। इस दौरान मतदान खत्म होने के बाद फर्जी वोटिंग को लेकर कड़ा ब्लाक के कमालपुर बूथ पर जमकर बवाल हुआ। प्रधान पद के प्रत्याशी फुरकान ने सैकड़ों समर्थकों के साथ हमला करके मतपेटिका लूटने की कोशिश की। इस दौरान उपद्रवियों की पुलिस से भिड़ंत हो गई। ईंट-पत्थर के साथ अंधाधुंध गोलियां भी दागी गई थी। इस हमले में इंस्पेक्टर सैनी दिनेश सिंह यादव, एसओ पिपरी विनोद यादव, देवीगंज चौकी प्रभारी हेमत मिश्र समेत कई अन्य पुलिस और मतदानकर्मी जख्मी हो गए थे। मामले में पुलिस ने फुरकान समेत 30 नामजद और 90 अज्ञात लोगों के खिलाफ सैनी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की है।
घटना के बाद से ही कमालपुर गांव में पुलिस और पीएसी तैनात है। वहीं बृहस्पतिवार को दिन में करीब 11 बजे एएसपी ओपी पांडेय चार थानों की फोर्स, पीएसी के जवानों और महिला सिपाहियों के साथ कमालपुर गांव पहुंचे। भारी भरकम फोर्स के साथ आई पुलिस ने जबरदस्त छापेमारी करते हुए सभी 30 नामजदों के घरों की तलाशी ली। 4 घंटे तक पुलिस की दबिश का यह अभियान चलता रहा, लेकिन एक भी अभियुक्त हाथ नहीं लगा। उधर, पुलिस की अचानक इस तेवर के साथ दी गई दबिश से पूरे गांव में सनसनी मच गई। ग्रामीणों में इस बात की दहशत है कि रात में भी पुलिस इसी तरह की कार्रवाई कर सकती है। एएसपी ने बताया कि उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।