पश्चिमशरीरा (कौशाम्बी)। पुलिस की धरपकड़ की डर से मौसी के घर छिपकर रहने वाले जजौली गांव के अधेड़ रामदीन (55) की शनिवार की रात संदिग्ध दशा में मौत हो गई। रिश्तेदारों के मुताबिक आधी रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है। घरवालों ने कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की लिखापढ़ी करके शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
बता दें कि वासंतिक नवरात्र की नवमी के दिन पश्चिमशरीरा क्षेत्र के जजौली गांव में कथित साधु के अग्निस्नान की कोशिश के दौरान बवाल हो गया था। इस दौरान साधु के शिष्यों और ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। दरोगा नयन सिंह को लहूलुहान करते हुए उपद्रवियों ने उनकी सर्विस रिवाल्वर लूट ली थी। इस मामले में पुलिस ने साधु समेत 25 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस ने बलवाइयों की धरपकड़ शुरू की, तो जजौली गांव के अधिकांश लोग गिरफ्तारी के भय से घर छोड़कर फरार हो गए। इसमें गांव का रामदीन (55) पुत्र धर्मराज भी शामिल था। वह रिश्तेदारों के यहां छिपकर रह रहा था। अभी दो दिन पहले ही वह अपनी मौसी के घर पनारा गोपालपुर (सरायअकिल) चला गया था। वहीं शनिवार की रात संदिग्धदशा में उसकी मौत हो गई। उसके मौसा राम अवतार ने बताया कि रात करीब 11 बजे अचानक रामदीन की तबीयत बिगड़ गई। दो बार उल्टियां और तीन-चार बार दस्त हुई।
उसे डॉक्टर के पास ले जाने की तैयारी हो रही थी, तभी सांसें थम गई। मौत की सूचना पर परिवार के लोग भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। रविवार की सुबह सरायअकिल कोतवाली पुलिस भी पहुंची। जांच के बाद परिजनों के कहने पर पुलिस ने शव का पंचनामा करके अंतिम संस्कार के लिए दे दिया। एसओ विपिन त्रिवेदी ने बताया कि बीमारी के कारण मौत हुई है। परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। घरवाले स्वाभाविक मौत बता रहे हैं। ऐसे में शव को पत्नी और बेटे को अंतिम संस्कार के लिए दे दिया गया है।