रास्ते पर कब्जे को लेकर सिराथू के हसनपुर-खोरांव गांव में तनाव है। गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में हुंकार भरी। डीएम को शिकायतीपत्र देकर रास्ते पर हुए कब्जे को हटवाने की मांग की। जिलाधिकारी ने एसडीएम और एसओ को जांच करके समस्या के समाधान का निर्देश दिया है। सिराथू तहसील क्षेत्र के हसनपुर गांव के गंगा प्रसाद, बाबूलाल, राजलाल, अदालती प्रसाद, वीरेंद्र कुमार, देवसरन, कल्लू पाल, राजभवन, शीतला प्रसाद, राजू, अशोक कुमार, सुरेश कुमार, अनिल कुमार, राकेश कुमार, लवकुश, महेश सरोज, रामआसरे, समरजीत, भारतलाल, शिव कुमार, अजीत कुमार, रामविशाल, रामसजीवन, शिवलाल, मिठाईलाल, मोतीलाल आदि ने बताया कि गांव से स्कूल जाने का रास्ता चकिया गांव से होकर जाता है।
रास्ते को लेकर 18 जुलाई को खोरांव गांव के कुछ लोगों से ग्रामीणों का विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के बाद भी खोरांव के लोगों ने रास्ते में मेड़ बांधकर रास्ता का अवरूद्ध कर दिया है। इससे आवागमन की दिक्कत बनी हुई है। ग्रामीणों की मानें तो रास्ते को लेकर हुए विवाद की सूचना पर एसपी समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। अफसरों ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया था। इसके बाद भी कब्जेदार रास्ते पर मेड़ बांधकर लोगों को आने-जाने नहीं दे रहे हैं। मेड़ बंधे रास्ते से आने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है। इससे परेशान और सहमे ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट आकर जिलाधिकारी से शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम और एसओ कोखराज को प्रकरण की जांच करके समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया है।