यमुना घाटों पर बालू खनन में मशीनों के इस्तेमाल से भड़के मजदूरों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन देकर घाटों की जांच, कार्रवाई और मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की। अनदेखी पर मजदूरों ने घाट से लेकर कलेक्ट्रेट तक धरना-प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी दी है।
कौशाम्बी के यमुना कछार के मजदूरों ने बालू ठेकेदारों द्वारा खनन में मशीनों के इस्तेमाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। घाटों पर धड़ल्ले से लोडर, पनचक्की, जेसीबी आदि के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए मजदूरों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के महासचिव फूलचंद्र निषाद ने कहाकि बालू खनन, लदान आदि काम करके कछार के हजारों मजदूर परिवार पालते हैं, लेकिन घाटों पर अब बालू खनन में जुटे कारोबारी मजदूरों के स्थान पर धड़ल्ले से मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसके कारण मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मशीनों के इस्तेमाल से परेशान मजदूरों ने ठेकेदारों के खिलाफ आरपार की लड़ाई शुरू करने का ऐलान किया। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के साथ ही मजदूरों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जनपद के सभी यमुना घाटों की जांच और मशीनों से बालू खनन पर रोक लगाने की मांग की। चेताया कि ऐसा नहीं होने पर मजदूर घाट से लेकर कलेक्ट्रेट तक धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर फूलचंद्र निषाद, बच्चीलाल, छोटेलाल, राजबली, राजू, गयादीन, मोहनलाल, राजकुमार, राजेश कुमार, सीताराम, महेश कुमार, राम समुंदर, बबलू आदि मजदूर मौजूद रहे।