चरवा के चिल्ला शहबाजी गांव के रिक्शा चालक की बृहस्पतिवार को ट्रेन से उतरने के प्रयास में जान चली गई। युवक इलाहाबाद से घर लौटते समय मनौरी स्टेशन पर जैसे ही उतरने लगा, तभी ट्रेन चल दी। इस दौरान कूदने से वह रेलगाड़ी की चपेट में आ गया था। मौत से घर में कोहराम मचा है। पत्नी और बच्चों की रो-रोकर हालत खराब बनी है।
चरवा थाना क्षेत्र के चिल्ला शहबाजी गांव निवासी रामप्रताप (42) गरीब मजदूर था।
वह इलाहाबाद में रिक्शा चलाकर परिवार की जीविका कमाता था। बुधवार को रातभर उसने रिक्शा चलाया। सुबह वह पैसेंजर ट्रेन पकड़कर घर आ रहा था। उसे मनौरी स्टेशन पर उतरना था। पर, रातभर रिक्शा चलाने की थकावट और नहीं सोने के कारण उसे ट्रेन में ही नींद आ गई। उसकी नींद टूटी तो उसे मालूम हुआ कि ट्रेन मनौरी स्टेशन से छूट रही है। वह हड़बड़ाकर उठा और रेंगती ट्रेन से उतरने लगा। बताया जाता है कि जब वह ट्रेन से उतर रहा था, तब तक गाड़ी की स्पीड बढ़ चुकी थी। इसके कारण उतरते समय वह गिरकर ट्रेन की चपेट में आ गया और उसके चीथड़े उड़ गए। मनौरी स्टेशन पर हुए हादसे से हड़कंप मच गया। वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना पर आई जीआरपी ने शिनाख्त कराने के बाद रिक्शा चालक के घरवालों को हादसे की सूचना दी। मौत की खबर लगते ही परिवार के लोग रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। बता दें कि राम प्रताप के 7 बच्चों में 6 लड़की और एक लड़का है। इनमें से अभी वह सिर्फ बड़ी बेटी लक्ष्मी देवी (21) की ही शादी कर सका है। अन्य बच्चों में ननकी देवी (18), शांति देवी (16), आरती देवी (13), हंसराज (11), शिवानी (8), खूशबू (6) और नीलू (3) के साथ पत्नी पार्वती देवी (40) घर में रहती थी। रामप्रताप की मौत से पत्नी और उसके 6 बच्चे पूरी तरह से बेसहारा हो चुके हैं।