सरकारी नलकूप के समीप बोरिंग कराकर सबमर्सिबल पंप लगाना सयारा मीठेपुर गांव में एक किसान को मंहगा पड़ा है। शिकायत पर एसडीएम सिराथू ने इस किसान को शांतिभंग की आशंका में 14 दिन के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया।
सैनी कोतवाली क्षेत्र के सयारा मीठेपुर गांव निवासी नईमउद्दीन पुत्र मकनउद्दीन ने फसलों की सिंचाई के लिए अपने खेत में बोरिंग कराकर सबमर्सिबल पंप लगाया है। गांव के सलाउद्दीन ने सरकारी नलकूप के समीप कराई गई बोरिंग की शिकायत एसडीएम सिराथू लालजी मिश्र से की। शिकायतकर्ता के मुताबिक कड़ा ब्लाक को डार्क जोन घोषित किया गया है। ऐसे में किसी भी नलकूप के 500 मीटर के दायरे में दूसरी बोरिंग नहीं की जा सकती है। इस शिकायत पर शनिवार को एसडीएम ने काश्तकार को अपने कार्यालय में तलब किया। किसान के मुताबिक उसे सबमर्सिबल पंप उखाड़ने के लिए कहा गया। पर, उसने बताया कि उसे बोरिंग कराकर सबमर्सिबल पंप लगाने में 4 लाख रुपये का खर्च आया है।
अब बोरिंग ध्वस्त करते हुए वह सबमर्सिबल पंप उखाड़ता है, तो उसे 4 लाख रूपये का नुकसान होगा। यदि बोरिंग शुरू होते समय ही क्यों नहीं रोक लगाई गई। इस पर एसडीएम ने काश्तकार को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का फरमान सुना दिया। एसडीएम का कहना है कि अभी सिंचाई विभाग की ओर से काश्तकार के खिलाफ एफआईआर संभव है।