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...तो थाने-चौकी हो गए बेमतलब

Wed, 24 Feb 2016 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कौशाम्बी में थाने-चौकी बेमतलब साबित हो रहे हैं। शिकायतें लेकर जाने पर कार्रवाई के बजाय डांटकर भगा दिया जाता है। इससे लोग न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हो जाते हैं।
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 कोखराज इलाके में ब्याही एक युवती की आबरू उसके ही ससुर ने लूट ली थी। इतना ही नहीं बाद में बहू पर ही झूठा आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई भी की। आरोप है कि शिकायत लेकर थाने गई पीड़िता की रिपोर्ट लिखने के बजाय पुलिस ने उसे डांटकर भगा दिया था। कई दिनों तक थाने और पुलिस अफसरों के कार्यालय का वह चक्कर काटती रही। कहीं से भी सुनवाई नहीं होने पर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सोमवार को न्यायालय के आदेश पर कोखराज पुलिस ने आरोपी ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके घटना की छानबीन शुरू की। पीड़िता के मुताबिक एक अक्टूबर 2015 की शाम वह घर में अकेली थी। पति नौकरी के सिलसिले में दूसरे शहर में रहता है। तभी बहाने से कमरे में आए उसके ससुर ने जबरदस्ती की थी।

वहीं सैनी इलाके की रहने वाली एक युवती के साथ तीन युवकों ने दुराचार किया था। घटना 26 नवंबर 2015 की शाम हुई थी। युवती ने बताया कि वह खेत की ओर गई थी। उसके गांव के एक व्यक्ति के यहां रिश्तेदार आए थे। रिश्तेदारी में आए इन्हीं युवकों ने उसे खेत की ओर अकेली जाते देखा, तो पीछे-पीछे आए और सुनसान स्थान पर उसे अपनी दरिंदगी का शिकार बना डाला। मनमानी करने के बाद युवकों ने कहीं भी शिकायत पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। घर लौटने पर युवती ने आपबीती सुनाई। आरोप है कि दूसरे दिन वह तहरीर लेकर सैनी कोतवाली गई। जहां पुलिस ने रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई करने के बजाय उसे इज्जत की दुहाई देते हुए डांटकर भगा दिया। सैनी पुलिस से न्याय नहीं मिलता देख पीड़िता ने अफसरों के साथ अदालत का दरवाजा खटखटाया। सोमवार को अदालत के आदेश पर सैनी कोतवाली पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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