आत्महत्या के लिए महिला को उकसाने के मामले में न्यायालय ने आरोपी पति को दस साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार का अर्थदंड लगाया गया है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) के न्यायाधीश हुमायूं रसीद खां ने सुनाया है। घटना वर्ष 2004 में सैनी के दारानगर में हुई थी।
सैनी कोतवाली में 13 फरवरी 2004 को चोखेलाल सोनकर ने अपने बहनोई राजेंद्र सोनकर निवासी दारानगर में खिलाफ रिपोेर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को चोखेलाल ने बताया कि उसने अपनी बहन प्यारी देवी की शादी राजेंद्र से की थी। शादी के पहले से ही राजेंद्र का दूसरी महिला से संबंध था। इसका विरोध करने पर वह उसकी बहन को प्रताड़ित करता था और आत्महत्या करने के लिए उकसाता था। बताया कि 11 फरवरी को इसी बात को लेकर उसने प्यारी देवी को मारापीटा और कहा कि आत्महत्या कर ले। इसके बाद उसकी बहन प्यारी देवी पांच साल की बेटी को लेकर गांव के बाहर कुएं में कूद गई। इससे दोनों की मौत हो गई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय भेजा। प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय न्यायाधीश हुमायूं रसीद खां की अदालत में हुई। शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने वादी समेत दस गवाहों को पेश किया। उभय पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। आरोप साबित होने पर न्यायालय ने आरोपी पति को दस साल के कैद की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।