चायल। अक्सर बीमार रहने वाली पुरामुफ्ती गांव की एक किशोरी की मंगलवार की रात झांड़-फूंक के फेर में जान चली गई। रात ज्यादा तबियत बिगड़ने पर परिवार के लोग उसे गांव की ही एक महिला तांत्रिक के पास झाड़-फूंक कराने के लिए ले गए थे। किशोरी के पिता ने इसी महिला तांत्रिक पर जान लेने का आरोप लगाया है। पुलिस महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पुरामुफ्ती गांव निवासी संतोष कुमार मजदूरी करता है। उसके चार बच्चों में सरिता देवी (13) सबसे बड़ी थी। घरवाले बताते हैं करीब तीन साल से उसकी तबीयत ठीक नहीं रहती थी। आए दिन उसे चक्कर आते रहते थे। इससे वह गिरकर कुछ देर के लिए अचेत हो जाती थी। इसके कारण ही पांचवीं में पढ़ने के दौरान उसकी पढ़ाई भी बंद करा दी गई थी। संतोष कुमार ने बताया कि मंगलवार की रात अचानक बेटी की तबियत ज्यादा बिगड़ गई।
इस पर कुछ लोगों के कहने पर वह झाड़-फूंक कराने के लिए गांव में ही रहने वाली एक महिला तांत्रिक के पास लेकर चला गया था। उसने बताया कि झाड़-फूंक के बाद तांत्रिक महिला ने उसकी बेटी को एक गिलास पानी जैसा कुछ पीने के लिए दिया था। आरोप है कि उसे पिलाते ही किशोरी की सांसें थम गई। किशोरी की मौत होते देख मौजूद घर परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। उधर, जैसे ही इसकी जानकारी पुरामुफ्ती पुलिस को हुई। गांव पहुंची पुलिस ने परिजनों के साथ ही गांववालों से भी पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान संतोष कुमार ने महिला तांत्रिक पर बेटी की जान ले लेने का आरोप लगाने लगा। उसके इस आरोप पर पुलिस ने पूछताछ के लिए महिला तांत्रिक को हिरासत में ले लिया है। वहीं छानबीन करने के बाद किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ रामेंद्र तिवारी ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तफ्तीश के बाद आगे की कार्रवाई होगी।