जिले में संचालित आठ बालू घाटों पर हो रहे खनन वैध हैं या अवैध, ट्रकों को कारोबारी ई-रवन्ना जारी कर रहे हैं अथवा नहीं, इन सबकी छानबीन के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सोमवार रात 11 बजे के बाद अधिकारियों के साथ ताबड़तोड़ दबिश दी। घाटों पर खनन का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने निकल रहे ट्रकों को रोक-रोककर रवन्ना चेक किया। सब कुछ ठीक मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली।
यमुना बालू घाटों पर इन दिनों सिर्फ आठ पट्टे संचालित हैं। एक अक्तूबर से शुरू हुए खनन को लेकर सप्ताह भर से ऊहापोह की स्थिति बनी है। घाट किनारे बसे लोगों द्वारा आए दिन इस बात की शिकायत डीएम से की जाती रही कि घाटों पर पट्टे से हटकर खनन कराया जा रहा है। चार दिन से उमरावां बालू घाट को लेकर शिकायतों का दौर चल पड़ा था। पहले तो डीएम ने मातहतों से खनन की जांच कराई। इसके बाद भी शिकायत नहीं बंद हुई तो उन्होंने सोमवार रात एक साथ सभी आठ घाटों पर स्वयं व अफसरों की टीम उतार दी। डीएम ने महेवाघाट, उमरावां व दलेलागंज बालू घाटों का निरीक्षण एडीएम के साथ किया। एसडीएम चायल ने सैदपुर व कटैया में छापामारी की।
एसडीएम सदर ने भकंदा तो अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने कटरी बालू घाट पर छापा मारा। एक साथ की गई छापामारी में सभी खंडों पर पट्टों पर खनन मिलने पर अफसरों ने संतोष जाहिर किया। इसके बाद बालू का परिवहन कर रहे ट्रकों का निरीक्षण किया गया। एक भी ट्रक बगैर रवन्ने के नहीं मिलने पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने संतोष जाहिर किया। उधर, सब कुछ ठीक रहने पर पट्टाधारकों ने भी राहत की सांस ली है।
सर्विलांस के जरिए टीम कसेगी शिकंजा
बालू घाटों पर अवैध खनन व ओवरलोड परिवहन की फर्जी शिकायत करने वालों पर अब खनन व एलआईयू विभाग की टीम सर्विलांस से शिकंजा कसेगी। सोमवार रात सघन छापामारी कर एक-एक पट्टे व बालू लदे ट्रकों की जांच की गई। एक भी शिकायत सही नहीं मिलने पर डीएम ने शिकायतकर्ताओं के प्रति कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने अब शिकायत करने वालों के विरुद्ध सर्विलांस के जरिए पहुंचने और फर्जी शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश जारी कर दिया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
सोमवार रात सभी बालू घाटों पर छापामारी कराई गई। कहीं कोई अवैध खनन नहीं मिला। ट्रकों के रवन्ने भी चेक कराए गए। इससे साफ है कि शिकायतकर्ता शांतिपूर्वक चल रहे खनन को प्रभावित करना चाह रहे हैं।
मनीष कुमार वर्मा
जिलाधिकारी