यमुना घाटों से बालू के अवैध खनन की जांच को लेकर शुक्रवार को सीबीआई टीम के निशाने पर खनन कार्यालय रहा। सीबीआई टीम ने दोपहर में कलेक्ट्रेट स्थित खनन कार्यालय में छापेमारी की। अचानक टीम के पहुंचने से कलेक्ट्रेट में अफरातफरी मच गई। टीम ने खनन कार्यालय से तमाम दस्तावेज और कंप्यूटर कब्जे में ले लिया। इसके बाद खनन अधिकारी और बाबू को बुलाकर घंटों पूछताछ की। सीबीआई टीम रजिस्टर और फाइलों को पलटने में उलझी रही।
सीबीआई टीम ने शुक्रवार को दूसरे दिन अपनी पड़ताल की शुरुआत खनन कार्यालय से की। दोपहर में टीम के सदस्य अचानक कलेक्ट्रेट स्थित खनन कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय के बाहर मौजूद लोगों में टीम के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। कलक्ट्रेट में खनन कार्यालय दूसरी मंजिल पर है। टीम के पहुंचने के बाद वहां किसी के भी अंदर जाने पर रोक लगा दी गई। कलेक्ट्रेट में जैसे ही टीम के पहुंचने की खबर फैली कर्मचारी अपने कार्यालयाें में दुबक गए।
टीम ने खनन कार्यालय से तमाम रजिस्टर, फाइल और कंप्यूटर अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद टीम कांशीराम अतिथि गृह लौट गई। टीम ने खनन अधिकारी अरविंद कुमार और खनन बाबू धारा सिंह यादव को तलब किया। दोपहर करीब पौने तीन बजे खनन अधिकारी और खनन बाबू टीम के पास कुछ फाइलों को लेकर पहुंचे। टीम दोनों से अतिथि गृह में काफी देर तक पूछताछ करती रही।
बालू माफिया ने छोड़ा जिला
सीबीआई टीम आने के बाद तमाम बालू माफिया भूमिगत हो गए। वहीं कई बालू माफिया ने जिला छोड़ दिया है। बालू माफिया के मोबाइल बंद चल रहे हैं। खनन अधिकारी और बाबू से पूछताछ के बाद उम्मीद है कि बालू डंप करने वाले माफिया को पूछताछ के लिए बुलाया जाए। ऐसे में सभी बालू माफिया खुद को सुरक्षित रखने के लिए हर कदम उठा रहे हैं।