फतेहपुर जिले के रजपालपुर गांव के युवक का कत्ल साथी ने 40 हजार रुपये के खातिर किया था। शनिवार को मृतक के पिता ने कपड़े से बेटे की पहचान की। मृतक के पिता ने गांव के ही पिता-पुत्रों के साथ दो अज्ञात लोगों पर हत्या कर शव नहर में फेंकने की आशंका जाहिर की। भुक्तभोगी पिता की तहरीर पर महेवाघाट पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर घटना की तहकीकात शुरू कर दी है।
फतेहपुर जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के रजपालपुर गांव का रहने वाला संदीप कुमार (35) पुत्र राम किशोर राजापुर चित्रकूट में एल्युमिनियम के चद्दर का बक्शा, ड्रम आदि बनाकर बेचने का काम करता था। 26 अप्रैल को वह गांव के एक साथी के साथ राजापुर जाने के लिए निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। खोजबीन करते हुए शुक्रवार को पिता रामकिशोर महेवाघाट थाने पहुंचा। तो पुलिस ने अज्ञात शव के कपड़े उसे दिखाए। बेटे का कपड़ा देखते ही वह फफक पड़ा।
रामकिशोर की मानें तो उसके बेटे का कत्ल 40 हजार रुपये के लिए किया गया है। बैंक से पैसा निकालने के बाद बेटे संदीप ने उसे पैसे निकालने की जानकारी दी थी। आरोप है कि युवक के साथी ने ही गद्दारी करते हुए संदीप का कत्ल करने के बाद अपराध छिपाने के लिए शव किशुनपुर पंप कैनाल की नहर में फेंक दिया था। लाश 26 अप्रैल को कुम्हियावां के समीप नहर में मिली थी। मृतक के पिता राम किशोर की तहरीर पर महेवाघाट पुलिस ने पिता-पुत्रों समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। युवक की मौत की जानकारी से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस की लापरवाही के चलते घरवाले संदीप का अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाए। पुलिस ने शव मिलने के बाद उसे अज्ञात में मोर्चरी में दाखिल कर दिया। उसकी शिनाख्त के लिए कोशिश नहीं की। नतीजा शव परिजनों को नहीं मिल सका। अगर महेवाघाट पुलिस चाहती तो शायद परिजनों को संदीप की लाश मिल जाती।
संदीप के हत्यारे बेहद शातिर हैं। हत्यारों ने राजापुर के लिए निकले संदीप को महेवाघाट इलाके में मारा। और शव नहर में फेंक दिया। शायद हत्यारों को यकीन था कि पुलिस लाख कोशिश के बाद भी शव की शिनाख्त नहीं करवा सकेगी और हुआ भी यही। पुलिस शव की शिनाख्त नहीं करवा सकी। अगर संदीप का पिता महेवाघाट थाने न पहुंचता तो शायद उसे अपने बेटे के मारे जाने की जानकारी भी न हो पाती।