सिराथू विधायक के करीबी क्रांति पर हुए कातिलाना हमले का सच झकझोर देने वाला है। भाजपा नेता ने ही खुद को गोली मारी थी। इसके बाद उसके साथी हवा में फायरिंग करते हुए भागे थे ताकि घटना सही प्रतीत हो। इस साजिश के पीछे भाजपा नेता की सोची समझी रणनीति थी। वह सरवर हत्याकांड के गवाहों को फंसाकर सजा से बचने की कोशिश में था लेकिन अपने ही बुने जाल में फंस गया। एएसपी ने घटना का खुलासा कर पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया है।
सैनी कोतवाली के सयारा मीठेपुर गांव निवासी क्रांति द्विवेदी उर्फ लल्लू पंडित सिराथू विधायक शीतला प्रसाद का करीबी है। शनिवार शाम सिराथू बाजार में उसे गोली मारी गई थी। गोली दाहिने हाथ की भुजा में लगी थी। पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराते हुए फायरिंग कर भागे हमलावरों को पइंसा के समीप से धर दबोचा। पुलिस ने हत्थे चढ़े मनोज कुमार पुत्र बैजनाथ निवासी जगन्नाथपुर, रतन त्रिपाठी पुत्र सिद्धनाथ के कब्जे से 315 बोर के दो खोखा व तमंचा बरामद किया था। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि क्रांति ने ही इस घटना की साजिश रची थी। सरवर हत्याकांड से बचने के लिए क्रांति ने यह योजना बनाई थी। रणनीति यह थी कि क्रांति खुद को हाथ में गोली मारेगा, इसके वह हवाई फायरिंग हुए निकल जाएंगे।
शनिवार को यही हुआ। क्रांति ने पहले खुद को गोली मारी थी, इसके बाद वह उसका तमंचा लेकर फायरिंग करते हुए भागे थे। प्रेस वार्ता में मनोज व रतन त्रिपाठी को पेश करते हुए इसकी जानकारी एएसपी अशोक कुमार ने दी। एएसपी ने बताया कि इस मामले में क्रांति के पिता ने परास निवासी मुंसफ अली समेत तीन लोगों के खिलाफ कातिलाना हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इनको फंसाकर वह सरवर हत्याकांड में गवाही न देने का दबाव बनाने की फिराक में था। कहाकि अभी मामले की तहकीकात चल रही है अभी और चौंकाने वाली जानकारियां सामने आएंगी।