राजा जयचंद्र किले से फेंके गए गार्ड भरत लाल के आरोपियों को सैनी कोतवाली पुलिस अभी तक नहीं पकड़ सकी है। इससे गार्ड के परिजनों में जबर्दस्त आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि इस मामले में पुलिस लापरवाही बरत रही है, इसीलिए शोहदों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है।
कड़ा में स्थित राजा जयचंद्र के किले से पुरातत्व विभाग के गार्ड भरत लाल को रविवार की दोपहर युवती से छेड़खानी का विरोध करने पर शोहदों ने नीचे उठाकर फेंक दिया था। इससे भरत लाल को गंभीर चोटें आई थी। भरत लाल का इलाज एसआरएन अस्पताल इलाहाबाद में चल रहा है। सोमवार को भाई की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू की। शोहदों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन सुराग नहीं लगा। शोहदों की गिरफ्तारी न होने से परिजन नाराज है।
परिजनों का कहना है कि इस मामले में पुलिस लापरवाही बरत रही है। शोहदे स्थानीय हैं। वह इसके पहले भी घटनाएं अंजाम दे चुके हैं और किले के इर्द-गिर्द ही मंडराते रहते हैं। पुलिस यदि प्रयास करती तो अब तक शोहदे प्रकाश में आ जाते। इस मामले में सैनी कोतवाल राकेश चौरसिया का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी पकड़ लिए जाएंगे।