सैनी क्षेत्र के देवीगंज बाजार के एक ढाबे में बुधवार की रात अचानक आग लग गई। घटना के समय ढाबा में सो रहे संचालक और वहां काम करने वाले युवक ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। आग लगने से ढाबे में रखा हजारों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। भुक्तभोगी संचालक के मुताबिक किसी ने उसे जिंदा जलाने की कोशिश में ढाबा फूंका है। शिकायत पर तफ्तीश में जुटी देवीगंज चौकी पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में ले रखा है।
सैनी कोतवाली के म्योहरा दारानगर गांव निवासी गोविंद पुत्र इंदर लाल ने देवीगंज बाजार में लेहदरी रोड पर छप्पर डालकर ढाबा खोल रखा है। बुधवार की रात वह ढाबा बंद करके भीतर सो रहा था। उसके बगल ही होटल में काम करने वाला युवक भी तखत पर सोया था। रात में करीब 3 बजे अचानक ढाबे में आग लग गई। उस समय गोविंद और उसका नौकर गहरी नींद में सोए थे। थोड़ी ही देर में आग ने भयावह रूप ले लिया। आग की तपिश से गोविंद की नींद टूटी तो पूरा ढाबा लपटों से घिरा देख उसके होश उड़ गए। चीखते चिल्लाते दोनों व्यक्ति ने किसी तरह बाहर भागकर अपनी जान बचाई। शोर सुनकर मौके पर बाजार के तमाम लोग जुट गए। बाजारवासियों ने घंटों की मेहनत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। पर, जब तक आग बुझ पाती, ढाबे में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित गोविंद की माने तो घटना में ढाबे में बिक्री का रखा 13 हजार रुपये के अलावा बर्तन, खाद्यान्न, 30 कुर्सी, ड्रम, चारपाई, तखत आदि जल गया। सूचना पर इलाकाई पुलिस ने आकर घटना की जांच की। पीड़ित का कहना है कि बुधवार की शाम उसका एक व्यक्ति से पैसों के लेन-देन में झगड़ा हुआ था। उसे आशंका है कि इसी व्यक्ति ने उसे जिंदा जलाकर मार डालने की नीयत से ढाबे में आग लगाई है। ढाबा संचालक की तहरीर पर देवीगंज चौकी पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।