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नबी हत्याकांड पर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा

Sat, 14 Mar 2015 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
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मंझनपुर/सिराथू/चायल। इलाहाबाद में हुई अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या से उबले कौशाम्बी के वकीलों का गुस्सा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। न्यायिक कार्य से विरत रहे वकीलों ने शुक्रवार को कचहरी परिसर से लेकर सड़क तक जोरदार प्रदर्शन किया। मंझनपुर चौराहे पर चक्काजाम के साथ ही अधिवक्ताओं ने सड़क किनारे लगे सपा नेताओं के होर्डिंग्स फाड़ डाले। वकीलों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग करते हुए अधिवक्ताओं ने मंझनपुर और सिराथू में इलाहाबाद के डीएम और एसएसपी का पुतला भी जलाया। वकीलों ने ऐलान किया कि जब तक हत्यारोपी दरोगा की गिरफ्तारी और मृतक वकील के परिजन को 50 लाख का मुआवजा नहीं मिलता। उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
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दरोगी की गोली से इलाहाबाद के अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या से गुस्साए कौशाम्बी जिला मुख्यालय और तीनों तहसील के वकीलों ने शुक्रवार को भी न्यायिक कामकाज नहीं किया। वहीं इलाहाबाद के प्रदर्शनकारी वकीलों पर रिपोर्ट दर्ज होने से अधिवक्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया। एफआईआर से तमतमाए जिला मुख्यालय के वकील कचहरी परिसर से लेकर सड़क तक शासन-प्रशासन के खिलाफ खूब गरजे। नारेबाजी करते हुए कचहरी से निकले वकीलों ने मंझनपुर चौराहे पर पहुंचकर चक्काजाम किया।

चौराहे पर लगी मुख्यमंत्री समेत सपा के सभी नेताओं के होर्डिंग्स फाड़ डाले। साथ ही अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद के वकीलों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाने की मांग करते हुए मंझनपुर और सिराथू में डीएम और एसएसपी इलाहाबाद का पुतला भी जलाया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने घटना को पुलिस और प्रदेश सरकार की तानाशाही करार दिया। ऐलान किया कि मुकदमा वापसी, हत्या के आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी और मृतक वकील के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा नहीं मिलने तक उनका यह प्रदर्शन चलता रहेगा। इस मौके पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रेमनाथ शुक्ल, महामंत्री राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, नर नारायण मिश्र, देवशरण त्रिपाठी, मनुदेव त्रिपाठी, चंद्रदत्त शुक्ल, तुषार तिवारी, जयप्रकाश त्रिपाठी, उमेश तिवारी, शशांक खरे, केडी द्विवेदी, राजेश द्विवेदी आदि मौजूद रहे। इसी तरह से चायल तहसील के भी अधिवक्ताओं ने पुरामुफ्ती-चायल मार्ग पर चक्काजाम करके साथी वकील की हत्या पर अपना आक्रोश जताया।
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इलाहाबाद के अधिवक्ता की हत्या से उबले कौशाम्बी के वकीलों ने शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान किशोर न्याय बोर्ड में दरोगा को कामकाज करते देख भड़क उठे। प्रदर्शनकारी वकीलों ने किशोर न्याय बोर्ड परिसर पहुंचकर पेशी पर आए चरवा थाने के दरोगा को वहां से धकियाते हुए बोर्ड परिसर से बाहर खदेड़ दिया। वकीलों का गुस्सा देख दरोगा ने बगैर किसी विरोध के सीधे नगर कोतवाली जाने में ही अपना भला समझा।

इलाहाबाद के अधिवक्ता नबी अहमद के हत्या के बाद कौशाम्बी में भी वकीलों का उग्र प्रदर्शन जारी है। अधिवक्ताओं के आक्रोश और उनके प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार को भी दिनभर पुलिस कचहरी से लेकर पूरे जिला मुख्यालय में चौकसी बरतती रही। इतना ही नहीं पूरे लाव-लश्कर के साथ एएसपी, सीओ खुद भी मंझनपुर कोतवाली में बैठे वकीलों के एक-एक प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखे हुए थे। वहीं जब वकीलों ने किशोर न्याय बोर्ड पहुंचकर पेशी पर आए दरोगा को धकियाते हुए परिसर से बाहर खदेड़ा। तब बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस के अफसर भी फोर्स के साथ सड़क पर निकल आए थे। इसके बाद एएसपी ओपी पांडेय ने एसडीएम, सीओ और फोर्स के साथ मंझनपुर कोतवाली से लेकर एसपी आफिस तक पैदल मार्च भी किया।
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