राजस्थान के श्रद्धालुओं से भरी बस नदीं में गिरी, नौ घायल
- प्रयागराज से कुंभ स्नान कर दर्शन करने जा रहे थे चित्रकूट धाम
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अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। महाशिवरात्रि पर कुंभ (संगम) स्नान कर प्रयागराज से चित्रकूट जा रही राजस्थान के श्रद्धालुओें से भरी टूरिस्ट बस सोमवार की देर रात पतौना पुल के समीप ससुर खदेरी नदीं में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बस सवार चार महिला समेत समेत नौ लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर रूप से जख्मी दो लोगों को इलाज के लिए प्रयागराज रेफर कर दिया गया।
राजस्थान से 42 श्रद्धालुओं का एक जत्था बस में सवार होकर संगम स्नान के लिए आया था। बस सवार लोग महाशिवरात्रि पर्व पर प्रयागराज पहुंचे। यहां संगम स्नान के बाद वह लोग चित्रकूट के लिए रवाना हो गए। प्रयागराज में रूट डायवर्जन की वजह से उनका वाहन नैनी के रास्ते भेजने के बजाय कौशाम्बी की तरफ से भेज दिया गया। बस सवार लोग कौशाम्बी के सैनी चौराहे पहुंचे। यहां के बाद वह लोग सिराथू वाया मंझनपुर होते हुए चित्रकूट जा रहे थे। रात करीब 11.30 बजे जैसे ही बस सदर कोतवाली के पतौना पुल (ससुर खदेरी नदी) पर पहुंची तभी अनियंत्रित होकर सूखी नदी में चली गई। हादसे में बस सवार राजस्थान के उदयपुर जिला अंर्तगत मधु पुत्री बाबू सिंह, भंवर लाल पुत्र भारती चंद्र, लक्ष्मण पुत्र सूबे लाल, दुर्गा भंडारी पत्नी बृजलाल, मंजू गोयल पुत्री कैलाश चंद्र, कमला बाई पत्नी शंकर लाल, ओम प्रकाश पुत्र चौथमल, अशोक कुमार पुत्र रूप लाल और मोहन पुत्र हकराज बुरी तरह से जख्मी हो गए। घायलों की चीख-पुकार पर राहगीर व बस्ती के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने यूपी-100 को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एसपी प्रदीप गुप्ता भी रात में ही घटना स्थल पर पहुंचे। अफसरों ने घायलों का हाल जाना। गंभीर रूप से जख्मी भंवर लाल व मधु को चिकित्सकों ने प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया।
जिलाधिकारी ने घायलों को भिजवाया घर
मंझनपुर। राजस्थान के यात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और एसपी प्रदीप गुप्ता ने घायलों का सबसे पहले जिला अस्पताल में इलाज कराया। इसके बाद सुबह सभी को दूसरे वाहनों से उन्हें गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
कुंभ मेला प्रशासन की चूक से हुआ हादसा
मंझनपुर। राजस्थान के यात्रियों की बस कौशाम्बी आने का औचित्य ही नहीं था। शाम को भीड़ छटने के बाद अगर उनकी बस शंकरगढ़ के रास्ते चित्रकूट को भेजी जाती तो वह कौशाम्बी आती ही नहीं। मेले में कथित भीड़ को लेकर वहां के प्रशासन ने बस को कौशाम्बी के रास्ते भेज दिया। मार्ग की सही जानकारी नहीं होने के कारण चालक भटका और अंधेरे में बस हादसे का शिकार हो गई।
बालू का ओवरलोड ट्रक बना हादसे का कारण
मंझनपुर। राजस्थान के लोगों की बस सामने से आ रहे तेज रफ्तार बालू के ओवरलोड ट्रक को बचाने के चक्कर में पलटी थी। बस सवार राजस्थान के रामसिंह ने बताया कि वह लोग नींद में थे, लेकिन नदी पर मोड़ था और जब ट्रक आया तो चालक समझ ही नहीं पाया कि वह क्या करे। गाड़ी हिचकोली खाई तो लोगों की नींद खुली लेकिन अगले ही पल वह लोग खाई के नीचे थे।