स्टंट: महीने भर में चार किशोर गंवा बैठे जिंदगी
एक दर्जन से अधिक हुए घायल, फिर भी आदत में नहीं हो रहा सुधार
परिजन भी बेफिक्र, कार्रवाई के नाम पर शमन शुल्क भर वसूल रहा यातायात विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। स्टंट ... करने और दिखाने में तो अच्छा लगता है। पर, इसके चक्कर में कई बार जान भी चली जाती है। महीने भर के भीतर गलत तरीके से बाइक चलाने में दोआबा के चार किशोर मौत का शिकार हो चुके हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो दर्जन भर से अधिक घायल हुए हैं। हैरानी की बात है कि इन हादसों से कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। परिजन बेफिक्र बने बैठे हैं और यातायात विभाग कार्रवाई के नाम पर शमन शुल्क वसूलकर सरकारी खजाना भर रहा है। इसी का नतीजा है कि दुर्घटनाओं में दिनों दिन इजाफा हो रहा है। हालत यही रहा तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में स्थिति काफी भयावह होगी। दोआबा की सड़कों पर अक्सर देखा जाता है कि नाबालिग चालक सवारी वाहन चलाते हैं। विक्रम और ऑटो के तो अधिकतर चालक कम उम्र के ही होते हैं। ऐसा नहीं कि इन पर यातायात विभाग के अफसरों की निगाह नहीं पड़ती। सबकुछ देखने के बाद भी अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं।
केस-1
कोखराज के परसखी गांव का मनप्रीत (15) नौ जनवरी को बाइक से दावत खाने सरायअकिल जा रहा था। उसके साथ रहे दोस्त अनिमेश ने बताया कि सरायअकिल इलाके के बेनीराम कटरा के समीप मनप्रीत लोगों को आकर्षित करने के लिए हाथ छोड़कर बाइक चलाने लगा। इस दौरान बाइक पलट गई। हादसे में मनप्रीत के साथ उसका साथी अनिमेश भी घायल हुआ। दो दिन बाद प्रयागराज के निजी अस्पताल में मनप्रीत की मौत हो गई। घटना के बाद से पीड़ित परिवार के आंसू नहीं थम रहे हैं।
केस-2
महेवाघाट निवासी बृजकिशोर (17) 19 जनवरी को पड़ोसी नितिन के साथ किसी काम से स्थानीय बाजार जा रहा था। नितिन की मानें तो बाजार पहुंचते ही बृजकिशोर स्टंट दिखाते हुए बाइक चलाने लगा। नितिन ने उसे मना भी किया। पर, वे नहीं माना। इसी चक्कर में बाइक विद्युत खंभे से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दोनों युवक घायल हो गए। चार रोज बाद इलाज के दौरान बृजकिशोर की सांसें थम गईं। अब पीड़ित परिजनों को बच्चे को बाइक देने का पछतावा हो रहा है।
केस-3
पिपरी क्षेत्र के तिल्हापुर मोड़ निवासी रौनक (16) और उसका भाई आदित्य (12) एक बाइक पर थे। जबकि इनके पड़ोसी गोलू (17) व लकी (14) दूसरी बाइक पर थे। चार जनवरी को दोनों बाइकों पर सवार किशोर रेसिंग करने लगे। सरायअकिल इलाके के कोटिया गांव के समीप इनकी बाइक की हैंडिल आपस में टकरा गई। जिसके बाद बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में रौनक की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी तीन अन्य घायल हो गए। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
कान में लीड लगाने का फैशन घातक
दोआबा के युवाओं और किशोरों में कान में लीड (एयर फोन) लगाकर बाइक चलाने का फैशन सवार हो गया है। लीड के कारण उन्हें पीछे से हार्न बजाने वाले वाहन की भनक नहीं लगती। नतीजतन अक्सर हादसा हो जाता है। अभी दो दिसम्बर 2018 को ही करारी में जाफरपुर महावां निवासी सादिक अली (24) पुत्र मजहर की लीड के चक्कर में ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी।
इनका कहना है
यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रतिदिन कार्रवाई की जाती है। किशोरों को भी वाहन चलाते वक्त पकड़ा जाता है तो उनपर कार्रवाई होती है। अभिभावकों को भी चाहिए कि वह बच्चों के हाथ में वाहन न दें।
मो. हाशिम-यातायात निरीक्षक