राखी बांधने मायके न जा पाई तो लगा ली फांसी
मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप, दी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
चरवा।
चरवा उत्तर थोक में रक्षाबंधन पर्व पर मायके न भेजे जाने से नाराज युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह घर के भीतर उसकी लाश मिली। मायके वालों ने ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या की तहरीर दी है। चरवा पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
चरवा उत्तर थोक निवासी विजय किसान है। विजय की शादी 21 मई वर्ष 2011 को हरदुआ की अंजू देवी (25) के साथ हुई थी। रविवार शाम अंजू ने अपने पति से कहा कि उसे भाई संतोष को राखी बांधने जाना है, वह उसे मायके छोड़ दे। विजय ने कहा कि बाइक उसका दोस्त ले गया है। रात में बाइक आ जाएगी। सुबह वह छोड़ देगा। इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी हुई। सोमवार सुबह दोबारा विवाद हुआ तो विजय ने जाने से ही मना कर दिया। इससे नाराज अंजू ने सुबह करीब सात बजे घर के भीतर फांसी लगाकर जान दे दी। छत के चुल्ले में साड़ी से फांसी लगाई गई थी। जानकारी होने पर विजय ने इसकी सूचना चरवा पुलिस को दी। इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र मौके पर पहुंचे। जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने शव नीचे उतरवाया। सूचना पर अंजू के पिता रामप्रकाश अपने परिजनों के साथ पहुंचे और ससुरालियों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया। मृतका के पिता ने पति समेत पांच ससुरालियों के खिलाफ चरवा थाने की पुलिस को दहेज हत्या की तहरीर दी है। इंस्पेक्टर भाष्कर मिश्र का कहना है कि महिला ने फांसी लगाकर जान दी है। परिजनों ने दहेज हत्या की तहरीर मिली है। प्रकरण की जांच की जा रही है।