फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईटेंशन करंट से युवक की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
करंट से युवक की मौत
विज्ञापन

जमीन से काफी नजदीक लटक रहा था तार
परिजनों में कोहराम, ग्रामीणों में गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। पूरामुफ्ती के महगांव में सोमवार की सुबह एक युवक हाईटेंशन करंट की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से परिजनों में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं ग्रामीणों में गुस्सा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
महगांव निवासी शिवलाल (35) सोमवार की सुबह करीब सात बजे खेतों की ओर गया था। खेत के ऊपर से गुजरा हाईटेंशन विद्युत तार लटक कर काफी नीचे आ गया था। अचानक उसने हाथ ऊपर किया तो वह करंट की चपेट में आकर झुलस गया। शिवलाल को लोगों ने झुलसते हुए देखा तो शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे। जब तक उसे बचाने की कोशिश की जाती, उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर शिवलाल की पत्नी सावित्री को मिली तो वह बेसुध होकर गिर पड़ी। घटना से गांव वाले आक्रोशित हो गए। सूचना पर पहुंची पूरामुफ्ती थाने की पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का कहना है कि लटक रहे जर्जर तार की जानकारी कई बिजली विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कहा कि उनकी लापरवाही से शिवलाल की मौत हुई है। शिवलाल की मौत से उसकी पत्नी व दो बेटियों का रो-रो कर बुरा हाल है।
विज्ञापन



33 साल पुराने तार, निगल रहे जिंदगी
जर्जर विद्युत तारों के लटकने से हो रहे हादसे, नहीं बदले जा रहे तार
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। 33 साल पुराने विद्युत तारों की वजह से जनपद में आए दिन हादसे हो रहे हैं। पुराने तार ढीले होकर लटकने लगते हैं। यही कारण है कि लोग इनके संपर्क में आकर मौत का शिकार हो रहे हैं। एक हफ्ता पहले एक किशोरी की मौत हो गई थी। इसके पहले भी तमाम लोगों की जानें गईं, लेकिन विभाग तार नहीं बदलवा रहा है।
विज्ञापन

जर्जर तारों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। महगांव का शिवलाल भी इसी हादसे का शिकार हुआ। वह घर से खेत के लिए निकला था, लेकिन विद्युत तार ने उसकी जिंदगी निगल ली। त्योहार के दिन उसके घर में मातम पसरा हुआ है। विद्युत खंभों पर लगे विद्युत तार 33 साल पुराने हैं। यह तार जर्जर हो चुके हैं, इसलिए जमीन से पांच से छह फिट की ऊंचाई पर लटक रहे हैं। कभी मवेशी तो कभी आदमी करंट की चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहा है। कई बार लोगों ने विद्युत तारों को बदलने की आवाज उठाई। विभाग ने इसके लिए शासन से बजट की भी मांग की, लेकिन बजट नहीं आया। तार बदलने के लिए भारी-भरकम बजट की जरूरत है। बजट न मिलने के कारण बिजली विभाग के अधिकारी इस मामले को लेकर चुप्पी साधकर बैठ जाते हैं। अब तो अधिकारियों ने इसे अपना बहाना भी बना लिया है। लटक रहे तारों को लेकर वह यही बयान देते हैं कि बजट आते ही बदल दिया जाएगा, लेकिन तारों को टाइट क्यों नहीं कराया जा रहा है, इस सवाल पर वह कन्नी काटने लगते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें