मंझनपुर। जहरीली शराब ने बिदनपुर आमद करारी गांव के 4 परिवारों की खुशियां छीन ली। एक साथ गांव के 4 मजदूरों की मौत से 19 बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। इन मजूदरों की मौत पर जहां बीवी, भाई, बहन, बच्चे और नाते-रिश्तेदार दहाड़ें मार-मारकर रोते रहे। वहीं गांव का प्रत्येक व्यक्ति की आंखे नम थी। लोग मासूम बच्चों को ढांढस बंधाने के समय अपने भी आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
सिराथू तहसील का एक छोटा सा गांव है बिदनपुर आमद करारी। करीब 1500 की आबादी वाला यह गांव दलित बाहुल्य है। जहां के ज्यादातर लोग मेहनत-मजदूरी करके ही परिवार के लिए रोटी का इंतजाम करते हैं। इन्हीं मजदूरों में महेंद्र, अमरनाथ, श्रीपति और विशेषर भी शामिल थे। इन दिनों कानपुर (चकेरी) में मजदूरी करने वाले गांव के इन चारों मजदूरों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई।
गांव के 4-4 मजदूरों की एक साथ मौत से पूरे गांव में कोहराम मचा है। बृहस्पतिवार की सुबह जैसे ही हादसे की खबर जंगल में लगी आग की तरह फैली, आसपास के गांवों के हजारों लोगों की भीड़ बिदनपुर पहुंच गई। गांव के 10-10 घरों के बाद रखे मजदूरों के शव और बिलखते परिजनों को देख भीड़ में मौजूद कोई भी शख्स खुद के आंसू नहीं रोक पा रहा था। बता दें कि शराब पीने से मृत महेन्द्र की पत्नी सविता जहां पति का शव देख बेसुध हो गई थी। वहीं उसके दोनों बच्चे शनि(06) और सचिन (04) भी मां की हालत देख सिसक रहे थे। इसी तरह से मृतक अमरनाथ की मौत से पत्नी सुनीता देवी और उसके बच्चे रामबाबू, प्रकाश, बेटी संगीता, कांति, रेखा भी दहाड़े मार-मारकर बिलख रही थी।
वहीं श्रीपति की पत्नी राजपति, बेटी रानी, खुशी, बेटा अंकित, राहुल और विशेषर की पत्नी सुनीता देवी, बेटा संजय, साजिद, सोनू, मोनू, बेटी सोनी, मोनी भी दिनभर सिसकती रही। इन मासूम बच्चों को दिलासा दिलाने वालों को यह समझ में नहीं आ रहा था, कि वे क्या कहकर इन ढांढस बंधाए। बता दें कि चारों मजदूर अपने-अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। इनकी मौत से अब पत्नी, बच्चों की परवरिश कैसे होगी? यह यक्ष प्रश्न पर मौजूद एक-एक व्यक्ति की जुबान पर था।
सिराथू तहसील क्षेत्र बिदनपुर आमद करारी गांव में जहरीली शराब पीने से हुई अमरनाथ, श्रीपति, महेन्द्र कुमार और विशेषर की मौत पर जिलाधिकारी राजमणि यादव ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है। डीएम ने बताया कि इन्हें कृषक बीमा दुर्घटना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उधर, बिदनपुर गांव के 4 मजदूरों की मौत की खबर पर बृहस्पतिवार को दिनभर इस गांवों में नेताओं का भी आना-जाना बना रहा। जिलाध्यक्ष संतोष पटेल, बसपा नेता महेंद्र गौतम, जिला पंचायत सदस्य जगदीश दिवाकर, सपा नेता दयाशंकर यादव आदि ने पहुंचकर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया।