नेवादा। सुरसेनी गांव में गुरुवार सुबह अधिवक्ता की पिटाई को लेकर जमकर हंगामा हुआ। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे से हमला किया। इस दौरान पुलिस पर भी पथराव किया गया। घटना से गुस्साए वकीलों ने कोतवाली का घेराव कर दिया। मामले में पीड़ित की तहरीर पर नौ नामजद व 60 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मारपीट में तीन लोग घायल हुए हैं।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के सुरसेनी गांव निवासी राजेन्द्र द्विवेदी पेशे से अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह वह इलाहाबाद से घर लौट रहे थे। हजारी का पुरवा नहर पुलिया के पास पुलिस ने अवैध बालू लदे तीन ट्रैक्टरों को रोक रखा था। वह पुलिस को सूचना देने के साथ ही बालू वाहन का वीडियो बना रहे थे कि सुरसेना गांव निवासी बालू कारोबारी निसार अहमद अपने भाई के साथ मौके पर पहुंच गया। वाद-विवाद के बाद कारोबारी ने अधिवक्ता को गालियां देनी शुरू कर दी। विरोध करने पर उसने पिटाई भी की। इस बीच पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दखल देकर किसी तरह मामला शांत करा दिया।
पीड़ित अधिवक्ता के मुताबिक घर लौटते वक्त रास्ते में आरोपी अपने परिजनों व साथियों संग मिलकर फिर उन्हें रोककर पीटने लगा। इस बीच दोनों पक्षों के दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए। इन लोगों ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया। मामला शांत कराने पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया गया। गनीमत, रही कि कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ। उधर, हंगामे की जानकारी मिलते ही सीओ और एसडीएम चायल कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह मामला शांत कराया। मारपीट में अधिवक्ता राजेन्द्र द्विवेदी व उनके भाई मनोज घायल हैं। वहीं, दूसरी तरफ से सरफराज अहमद, मुन्ना तथा हबीब को चोटें आई हैं। मामले में पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर निसार अहमद, उसके भाई, पिता इशहाक अहमद, इरशाद, आफाक, मो. अनस पुत्र इलियास, अनस के भाई, हबीब अहमद पुत्र अजीज, मुन्ना पुत्र अहमद अली, मुन्ना के छोटे भाई व 60 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साथी की पिटाई से नाराज अधिवक्ताओं ने सरायअकिल केातवाली का घेराव कर दिया था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उनका गुस्सा शांत हुआ। अधिवक्ता ने आरोपियों पर अंगूठी लूटने का भी आरोप लगाया है।